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Jaipur News: राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बनकर बैठा आरोपी गिरफ्तार, एसओजी की बड़ी कार्रवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Fri, 22 May 2026 09:04 AM IST
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सार
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एसओजी ने वरिष्ठ अध्यापक द्वितीय श्रेणी परीक्षा-2022 से जुड़े डमी परीक्षार्थी मामले में ₹10 हजार के इनामी आरोपी मनोहरलाल मांजू उर्फ बिश्नोई को गिरफ्तार किया है।
डमी बनकर परीक्षा देने वाला मास्टर गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) को एक और बड़ी सफलता मिली है। एसओजी ने वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 में डमी परीक्षार्थी बनकर परीक्षा देने वाले ₹10 हजार के इनामी फरार आरोपी मनोहरलाल मांजू उर्फ बिश्नोई को गिरफ्तार किया है।
पेपर लीक के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय की परीक्षा 24 दिसंबर 2022 को आयोजित की गई थी। बाद में पेपर लीक होने के कारण इस परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद दोबारा परीक्षा 29 जनवरी 2023 को आयोजित कराई गई।
असली अभ्यर्थी की जगह बैठा था डमी कैंडिडेट
एसओजी की जांच में सामने आया कि करौली निवासी अनिल कुमार मीणा ने परीक्षा खुद देने के बजाय अपने स्थान पर डमी परीक्षार्थियों को बैठाकर धोखाधड़ी की थी। इसी फर्जी तरीके से वह वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान) पद पर चयनित भी हो गया था। एसओजी ने अनिल कुमार मीणा को पहले ही 4 सितंबर 2024 को गिरफ्तार कर लिया था।
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मध्यस्थ चला रहा था पूरा नेटवर्क
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पूरे फर्जीवाड़े का संचालन मध्यस्थ दर्शन लाल मीणा उर्फ रामप्रकाश मीणा कर रहा था। वही विभिन्न डमी परीक्षार्थियों की व्यवस्था करता था। शुरुआती जांच में एसओजी के पास केवल संदिग्ध लोगों के फोटो थे, जिससे आरोपियों की पहचान करना काफी चुनौतीपूर्ण था। एसओजी की तकनीकी टीम ने उन्नत फोटो मैचिंग तकनीक और डिजिटल विश्लेषण की मदद से आरोपी की पहचान स्थापित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार शर्मा के नेतृत्व में चल रही जांच के दौरान फरार आरोपी मनोहरलाल मांजू को गिरफ्तार किया गया।
भरतपुर केंद्र पर बनकर बैठा था डमी अभ्यर्थी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मनोहरलाल मांजू ने 29 जनवरी 2023 को भरतपुर स्थित राजकीय महाराजा बदन सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दी थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी वर्तमान में जालोर जिले के रानीवाड़ा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जगा की ढाणी सेवाड़ा में अध्यापक लेवल-1 के पद पर कार्यरत था।
कई धाराओं में मामला दर्ज
एसओजी ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2022 के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान अन्य डमी परीक्षार्थियों, मध्यस्थों और पूरे संगठित गिरोह से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। एसओजी लगातार भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। एजेंसी का कहना है कि पूरे गिरोह को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
पेपर लीक के बाद दोबारा हुई थी परीक्षा
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान विषय की परीक्षा 24 दिसंबर 2022 को आयोजित की गई थी। बाद में पेपर लीक होने के कारण इस परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद दोबारा परीक्षा 29 जनवरी 2023 को आयोजित कराई गई।
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असली अभ्यर्थी की जगह बैठा था डमी कैंडिडेट
एसओजी की जांच में सामने आया कि करौली निवासी अनिल कुमार मीणा ने परीक्षा खुद देने के बजाय अपने स्थान पर डमी परीक्षार्थियों को बैठाकर धोखाधड़ी की थी। इसी फर्जी तरीके से वह वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान) पद पर चयनित भी हो गया था। एसओजी ने अनिल कुमार मीणा को पहले ही 4 सितंबर 2024 को गिरफ्तार कर लिया था।
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मध्यस्थ चला रहा था पूरा नेटवर्क
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पूरे फर्जीवाड़े का संचालन मध्यस्थ दर्शन लाल मीणा उर्फ रामप्रकाश मीणा कर रहा था। वही विभिन्न डमी परीक्षार्थियों की व्यवस्था करता था। शुरुआती जांच में एसओजी के पास केवल संदिग्ध लोगों के फोटो थे, जिससे आरोपियों की पहचान करना काफी चुनौतीपूर्ण था। एसओजी की तकनीकी टीम ने उन्नत फोटो मैचिंग तकनीक और डिजिटल विश्लेषण की मदद से आरोपी की पहचान स्थापित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार शर्मा के नेतृत्व में चल रही जांच के दौरान फरार आरोपी मनोहरलाल मांजू को गिरफ्तार किया गया।
भरतपुर केंद्र पर बनकर बैठा था डमी अभ्यर्थी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मनोहरलाल मांजू ने 29 जनवरी 2023 को भरतपुर स्थित राजकीय महाराजा बदन सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र पर डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दी थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी वर्तमान में जालोर जिले के रानीवाड़ा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जगा की ढाणी सेवाड़ा में अध्यापक लेवल-1 के पद पर कार्यरत था।
कई धाराओं में मामला दर्ज
एसओजी ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2022 के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान अन्य डमी परीक्षार्थियों, मध्यस्थों और पूरे संगठित गिरोह से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। एसओजी लगातार भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। एजेंसी का कहना है कि पूरे गिरोह को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।