{"_id":"6a0fcedf03b02eeda50fd1df","slug":"rajasthan-cabinet-may-lift-transfer-ban-discuss-fuel-saving-measures-jaipur-news-c-1-1-noi1422-4309707-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम भजनलाल कैबिनेट की आज अहम बैठक: हट सकता है तबादलों से बैन; खर्चों में कटौती का यूपी मॉडल भी रडार पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम भजनलाल कैबिनेट की आज अहम बैठक: हट सकता है तबादलों से बैन; खर्चों में कटौती का यूपी मॉडल भी रडार पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Fri, 22 May 2026 10:58 AM IST
विज्ञापन
सार
राजस्थान में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक में सरकारी विभागों में लंबे समय से लगे तबादला बैन को हटाने पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
राजस्थान में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में सरकारी विभागों में लंबे समय से लगे तबादला बैन को हटाने को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इसके साथ ही पेट्रोल-डीजल की बचत, सरकारी खर्चों में कटौती और प्रशासनिक सुधारों पर भी कई अहम निर्णय संभव हैं।
तबादला बैन हटाने पर हो सकती है चर्चा
सूत्रों के अनुसार, कई भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के सामने तबादला बैन हटाने की मांग रखी है। विधायकों का मानना है कि तबादलों पर लगी रोक हटने से प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी और राजनीतिक स्तर पर भी सकारात्मक संदेश जाएगा। बताया जा रहा है कि मंत्रिपरिषद की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी। बैठक के बाद प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से इस संबंध में सर्कुलर भी जारी किया जा सकता है।
पेट्रोल-डीजल बचत पर सरकार का फोकस
बैठक में पेट्रोल-डीजल की बचत और सरकारी खर्चों को कम करने को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद राजस्थान सरकार उत्तर प्रदेश मॉडल की तर्ज पर कई कदम उठाने पर विचार कर रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम की थी। अब संभावना जताई जा रही है कि सरकारी विभागों के लिए भी फ्यूल सेविंग को लेकर नई गाइडलाइन जारी की जाए।
विज्ञापन
वर्चुअल बैठकों को मिलेगा बढ़ावा
सूत्रों के मुताबिक, सरकारी बैठकों को अधिकतम वर्चुअल मोड में आयोजित करने पर जोर दिया जाएगा। केवल बेहद जरूरी होने पर ही फिजिकल बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट, इलेक्ट्रिक वाहनों और साइकिल के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा सकता है।
“नो व्हीकल डे” पर भी हो सकती है चर्चा
वित्त विभाग की ओर से मितव्ययता को लेकर नया सर्कुलर जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। इसमें सरकारी खर्चों में कटौती, ईंधन की बचत और संसाधनों के सीमित उपयोग पर जोर रहेगा। सूत्रों के अनुसार, सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” लागू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। इस दिन सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: Pali News: सरकारी अस्पताल में बड़ी चूक, थैलेसीमिया पीड़ित बच्ची को गलत ब्लड चढ़ाने पर अस्पताल प्रशासन कटघरे में, जांच कमेटी गठित
उत्तर प्रदेश मॉडल पर विचार
उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही इस तरह के कई कदम लागू कर चुकी है। ऐसे में अब राजस्थान सरकार भी प्रशासनिक खर्चों में कमी और ऊर्जा बचत को लेकर नई पहल करने की तैयारी में है।
तबादला बैन हटाने पर हो सकती है चर्चा
सूत्रों के अनुसार, कई भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के सामने तबादला बैन हटाने की मांग रखी है। विधायकों का मानना है कि तबादलों पर लगी रोक हटने से प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी और राजनीतिक स्तर पर भी सकारात्मक संदेश जाएगा। बताया जा रहा है कि मंत्रिपरिषद की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी। बैठक के बाद प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से इस संबंध में सर्कुलर भी जारी किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पेट्रोल-डीजल बचत पर सरकार का फोकस
बैठक में पेट्रोल-डीजल की बचत और सरकारी खर्चों को कम करने को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद राजस्थान सरकार उत्तर प्रदेश मॉडल की तर्ज पर कई कदम उठाने पर विचार कर रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने अपने काफिलों में वाहनों की संख्या कम की थी। अब संभावना जताई जा रही है कि सरकारी विभागों के लिए भी फ्यूल सेविंग को लेकर नई गाइडलाइन जारी की जाए।
Trending Videos
वर्चुअल बैठकों को मिलेगा बढ़ावा
सूत्रों के मुताबिक, सरकारी बैठकों को अधिकतम वर्चुअल मोड में आयोजित करने पर जोर दिया जाएगा। केवल बेहद जरूरी होने पर ही फिजिकल बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए जा सकते हैं। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट, इलेक्ट्रिक वाहनों और साइकिल के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा सकता है।
“नो व्हीकल डे” पर भी हो सकती है चर्चा
वित्त विभाग की ओर से मितव्ययता को लेकर नया सर्कुलर जारी करने की तैयारी भी की जा रही है। इसमें सरकारी खर्चों में कटौती, ईंधन की बचत और संसाधनों के सीमित उपयोग पर जोर रहेगा। सूत्रों के अनुसार, सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” लागू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। इस दिन सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: Pali News: सरकारी अस्पताल में बड़ी चूक, थैलेसीमिया पीड़ित बच्ची को गलत ब्लड चढ़ाने पर अस्पताल प्रशासन कटघरे में, जांच कमेटी गठित
उत्तर प्रदेश मॉडल पर विचार
उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही इस तरह के कई कदम लागू कर चुकी है। ऐसे में अब राजस्थान सरकार भी प्रशासनिक खर्चों में कमी और ऊर्जा बचत को लेकर नई पहल करने की तैयारी में है।