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Rajasthan News: हाईकोर्ट का सरकार को झटका; राजस्थान में 31 जुलाई तक कराने होंगे पंचायत-निकाय चुनाव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Fri, 22 May 2026 12:34 PM IST
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सार

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग की पंचायत-निकाय चुनाव दिसंबर तक टालने की मांग खारिज कर दी। अदालत ने 31 जुलाई 2026 तक चुनाव कराने के निर्देश दिए। सरकार ने ओबीसी आरक्षण, स्टाफ और संसाधनों की कमी का हवाला दिया था।

Rajasthan High Court Directs Govt to Hold Panchayat, Civic Polls by July 31
राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को बड़ा झटका देते हुए पंचायत और निकाय चुनाव 31 जुलाई 2026 तक कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव दिसंबर तक टालने के लिए प्रार्थना पत्र दायर किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने शुक्रवार को यह आदेश सुनाया। इससे पहले 11 मई को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन तय समयसीमा के भीतर चुनाव नहीं कराए जाने पर सरकार ने हाईकोर्ट में समय बढ़ाने की मांग की थी।

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सरकार ने क्या दलील दी?

सरकार ने कोर्ट में कहा था कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है और वर्तमान परिस्थितियों में चुनाव कराना संभव नहीं है। इसके अलावा स्कूल, स्टाफ, ईवीएम और अन्य संसाधनों की उपलब्धता का भी हवाला दिया गया।

सरकार ने यह भी तर्क दिया कि सितंबर से दिसंबर के बीच कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। ऐसे में बाद में चुनाव कराने से “वन स्टेट-वन इलेक्शन” की अवधारणा को भी बल मिलेगा। प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि कोर्ट के आदेश की पालना के लिए हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन परिस्थितियों के चलते 15 अप्रैल तक चुनाव संभव नहीं हो पाए।

चुनाव आयोग ने भी किया समर्थन

राज्य चुनाव आयोग ने भी सरकार के पक्ष में हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया था। आयोग ने कहा कि ओबीसी आरक्षण तय किए बिना चुनाव कराना संभव नहीं है और सरकार द्वारा मांगी गई अतिरिक्त समय सीमा उचित है।

याचिकाकर्ताओं ने लगाया चुनाव टालने का आरोप

मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज सिंह देवंदा ने सरकार पर जानबूझकर चुनाव टालने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि राज्य सरकार पिछले डेढ़ साल से पंचायत और निकाय चुनाव कराने से बच रही है। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब राज्य सरकार और चुनाव आयोग पर तय समयसीमा में चुनाव कार्यक्रम घोषित करने का दबाव बढ़ गया है।

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