{"_id":"6a44df06de079dc35e07ee3a","slug":"rajasthan-brings-government-services-to-whatsapp-citizens-can-access-27-facilities-online-2026-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब व्हाट्एप पर शुरू हुआ ई-मित्र: सिर्फ ‘Hi’ भेजकर घर बैठे मिलेंगी 27 सरकारी सेवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब व्हाट्एप पर शुरू हुआ ई-मित्र: सिर्फ ‘Hi’ भेजकर घर बैठे मिलेंगी 27 सरकारी सेवाएं
Wed, 01 Jul 2026 03:04 PM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Wed, 01 Jul 2026 03:04 PM IST
सार
राजस्थान में आज से व्हाट्सएप नंबर 9461062705 पर ‘Hi’ भेजते ही 27 तरह की सरकारी सेवाएं खुलेंगी। इनमें बिल भुगतान से लेकर प्रमाण पत्र तक की वे सुविधा मोबाइल पर उपलब्ध होंगी जिनके लिए आम आदमी को अब तक ई-मित्र पर जाना होता था।
विज्ञापन
राजस्थान ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ई-मित्र की सेवाओं को अब व्हाट्सएप पर उपलब्ध करा दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को जयपुर में आयोजित 29वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ई-गवर्नेंस के उद्घाटन अवसर पर ई-मित्र व्हाट्सएप सेवा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही अब प्रदेश के नागरिक केवल एक व्हाट्सएप संदेश भेजकर कई सरकारी सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को 9461062705 नंबर पर "Hi" टाइप कर भेजना होगा। इसके बाद ई-मित्र की 27 सेवाओं का मेन्यू खुल जाएगा, जहां से विभिन्न सरकारी सुविधाओं का चयन किया जा सकेगा। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिजली और पानी के बिल जमा करने, जाति, मूल निवास, ईडब्ल्यूएस, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के लिए आवेदन करने तथा कई दस्तावेज डाउनलोड करने की सुविधा मिलेगी।
यह भी पढें- RCA विवाद: राजस्थान हाईकोर्ट ने एडहॉक कमेटी को किया निलंबित, भास्कर ए. सावंत बने प्रशासक
विज्ञापन
सरकार का दावा है कि इस पहल से लोगों को सरकारी कार्यालयों और ई-मित्र केंद्रों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही सेवाओं की पहुंच और पारदर्शिता दोनों में सुधार होगा।
जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में 80 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों, 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के साथ डिजिटल गवर्नेंस और नई तकनीकों पर आधारित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पिछले एक दशक में डिजिटल तकनीक और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंच रहा है और बीच की अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है।
सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, डेटा आधारित प्रशासन, डिजिटल सेवाएं और पुलिसिंग में एआई के उपयोग जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा। इसमें देशभर के नीति निर्माताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य को लेकर चर्चा होगी।
विज्ञापन
नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को 9461062705 नंबर पर "Hi" टाइप कर भेजना होगा। इसके बाद ई-मित्र की 27 सेवाओं का मेन्यू खुल जाएगा, जहां से विभिन्न सरकारी सुविधाओं का चयन किया जा सकेगा। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिजली और पानी के बिल जमा करने, जाति, मूल निवास, ईडब्ल्यूएस, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के लिए आवेदन करने तथा कई दस्तावेज डाउनलोड करने की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
यह भी पढें- RCA विवाद: राजस्थान हाईकोर्ट ने एडहॉक कमेटी को किया निलंबित, भास्कर ए. सावंत बने प्रशासक
विज्ञापन
सरकार का दावा है कि इस पहल से लोगों को सरकारी कार्यालयों और ई-मित्र केंद्रों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही सेवाओं की पहुंच और पारदर्शिता दोनों में सुधार होगा।
जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में 80 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों, 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के साथ डिजिटल गवर्नेंस और नई तकनीकों पर आधारित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पिछले एक दशक में डिजिटल तकनीक और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंच रहा है और बीच की अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है।
सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, डेटा आधारित प्रशासन, डिजिटल सेवाएं और पुलिसिंग में एआई के उपयोग जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा। इसमें देशभर के नीति निर्माताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच डिजिटल गवर्नेंस के भविष्य को लेकर चर्चा होगी।
राजस्थान में आज से व्हाट्सएप नंबर 9461062705 पर ‘Hi’ भेजते ही 27 तरह की सरकारी सेवाएं खुलेंगी। इनमें बिल भुगतान से लेकर प्रमाण पत्र तक की वे सुविधा मोबाइल पर उपलब्ध होंगी जिनके लिए आम आदमी को अब तक ई-मित्र पर जाना होता था।