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RCA विवाद:राजस्थान हाईकोर्ट ने एडहॉक कमेटी को किया निलंबित, भास्कर ए. सावंत बने प्रशासक
Wed, 01 Jul 2026 01:26 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Wed, 01 Jul 2026 01:26 PM IST
सार
राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) के कामकाज को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एडहॉक कमेटी की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने कमेटी को निलंबित कर भास्कर ए. सावंत को प्रशासक नियुक्त किया है।
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राजस्थान हाईकोर्ट
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की एडहॉक कमेटी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अदालत ने वरिष्ठ प्रशासक भास्कर ए. सावंत को RCA का प्रशासक नियुक्त करते हुए संघ के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है।
यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एम.एम. श्रीवास्तव की खंडपीठ ने राजीव प्रताप सिंह की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सहकारिता रजिस्ट्रार से यह भी पूछा कि अदालत के आदेशों की अवहेलना को लेकर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
यह जनहित याचिका राजीव प्रताप सिंह की ओर से दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि 29 जून 2024 को गठित आरसीए की एडहॉक कमेटी केवल अंतरिम व्यवस्था के तौर पर बनाई गई थी। न्यायालय के निर्देशानुसार इस कमेटी को तीन माह के भीतर राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) के चुनाव संपन्न कराने थे, लेकिन निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बावजूद चुनाव नहीं कराए गए।
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याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि चुनाव कराने के बजाय एडहॉक कमेटी का कार्यकाल बार-बार बढ़ाया जाता रहा। इससे आरसीए की लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई और निर्वाचित कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका। याचिका में इसे न्यायालय के पूर्व आदेशों और प्रशासनिक व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत बताया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सहकारिता रजिस्ट्रार की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने रजिस्ट्रार से जवाब तलब करते हुए पूछा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर चुनाव नहीं कराने और एडहॉक व्यवस्था को लगातार जारी रखने के मामले में उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। अदालत की इस टिप्पणी को प्रशासनिक स्तर पर कड़ा संदेश माना जा रहा है।
हाईकोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत पूर्व आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत को आरसीए का प्रशासक (Administrator) नियुक्त किया है। अदालत ने उनसे अपेक्षा जताई है कि वे संघ के प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हुए नियमानुसार आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे और नियमित चुनाव कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
राजस्थान क्रिकेट प्रशासन में लंबे समय से एडहॉक कमेटी के कार्यकाल और चुनाव में देरी को लेकर विवाद बना हुआ था। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद आरसीए में पारदर्शी प्रशासन और नियमित चुनाव प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। खेल जगत भी इस निर्णय को राजस्थान क्रिकेट प्रशासन में जवाबदेही, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।
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यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एम.एम. श्रीवास्तव की खंडपीठ ने राजीव प्रताप सिंह की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सहकारिता रजिस्ट्रार से यह भी पूछा कि अदालत के आदेशों की अवहेलना को लेकर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
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यह जनहित याचिका राजीव प्रताप सिंह की ओर से दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि 29 जून 2024 को गठित आरसीए की एडहॉक कमेटी केवल अंतरिम व्यवस्था के तौर पर बनाई गई थी। न्यायालय के निर्देशानुसार इस कमेटी को तीन माह के भीतर राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) के चुनाव संपन्न कराने थे, लेकिन निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बावजूद चुनाव नहीं कराए गए।
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याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि चुनाव कराने के बजाय एडहॉक कमेटी का कार्यकाल बार-बार बढ़ाया जाता रहा। इससे आरसीए की लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हुई और निर्वाचित कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका। याचिका में इसे न्यायालय के पूर्व आदेशों और प्रशासनिक व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत बताया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सहकारिता रजिस्ट्रार की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने रजिस्ट्रार से जवाब तलब करते हुए पूछा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर चुनाव नहीं कराने और एडहॉक व्यवस्था को लगातार जारी रखने के मामले में उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। अदालत की इस टिप्पणी को प्रशासनिक स्तर पर कड़ा संदेश माना जा रहा है।
हाईकोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत पूर्व आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत को आरसीए का प्रशासक (Administrator) नियुक्त किया है। अदालत ने उनसे अपेक्षा जताई है कि वे संघ के प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते हुए नियमानुसार आगे की प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे और नियमित चुनाव कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे।
राजस्थान क्रिकेट प्रशासन में लंबे समय से एडहॉक कमेटी के कार्यकाल और चुनाव में देरी को लेकर विवाद बना हुआ था। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद आरसीए में पारदर्शी प्रशासन और नियमित चुनाव प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। खेल जगत भी इस निर्णय को राजस्थान क्रिकेट प्रशासन में जवाबदेही, पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।