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Rajasthan: खेजड़ी को बचाने के लिए पूर्व मंत्री ने खोला मोर्चा, मुख्यमंत्री से मिले साधु-संत

अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जयपुर Published by: प्रशांत तिवारी Updated Mon, 09 Feb 2026 09:54 PM IST
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सार

Rajasthan: मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद बीकानेर में खेजड़ी संरक्षण आंदोलन जारी है। क्रमिक अनशन और धरना लगातार चल रहा है। खेजड़ी कटाई के दावों से विवाद और गहरा गया है 
 

Rajasthan Former minister opens front to save Khejri saints meet Chief Minister
प्रतिनिधिमंडल से मिले मुख्यमंत्री - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

बीकानेर में चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन पांच तारीख को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विधानसभा में आश्वासन के बाद साधु-संतों द्वारा समाप्त कर दिया गया था, लेकिन बीकानेर में खेजड़ी संरक्षण को लेकर आंदोलन अब भी जारी है। फिलहाल करीब 50 लोग प्रतिदिन क्रमिक अनशन पर बैठे हुए हैं और धरना लगातार जारी है। श्रद्धालु और पर्यावरण प्रेमी आज भी खेजड़ी बचाने के समर्थन में बीकानेर पहुंच रहे हैं।

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पूर्व विधायक ने किया खेजड़ी का पेड़ कटने का दावा
पांच तारीख को मुख्यमंत्री ने विधानसभा के पटल पर खेजड़ी संरक्षण को लेकर सख्त कानून बनाने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद साधु-संतों का आमरण अनशन समाप्त हुआ। हालांकि  आठ तारीख की रात कांग्रेस की ओसियां से पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने सोशल मीडिया पर खेजड़ी कटाई से जुड़े वीडियो और फोटो साझा किए। उन्होंने दावा किया कि रविवार रात को सौ से अधिक खेजड़ी के पेड़ काटे गए हैं।

मुख्यमंत्री  से मिला संत समाज का एक प्रतिनिधिमंडल 
इसके बाद रविवार को संत समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलने जयपुर स्थित उनके आवास पर पहुंचा। मुख्यमंत्री के साथ चर्चा के दौरान उन्होंने फिर से सख्त कानून बनाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद संत समाज का प्रतिनिधिमंडल वापस बीकानेर लौट आया। फिलहाल धरना स्थल पर बैठे लोग संत समाज के अगले दिशा-निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।
 

संतों से मिलकर क्या बोले मुख्यमंत्री?
संतो से मिलने के बाद मुख्यमंत्री भजन आज मुख्यमंत्री निवास पर बिश्नोई समाज के पूज्य साधु-संतों एवं प्रबुद्धजनों से भेंट कर मन अत्यंत अभिभूत है। विधानसभा में 'खेजड़ी संरक्षण' हेतु हमारी सरकार के संकल्प पर आप सभी द्वारा मिला यह स्नेह और आशीर्वाद मुझे प्रदेश की सेवा के लिए नई ऊर्जा प्रदान करता है। प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा हमारी संस्कृति का आधार है, जिसे हम सभी मिलकर और सुदृढ़ करेंगे।

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सरकार चाहती तो खत्म हो सकता है आंदोलन
इधर खेजड़ी संरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री बी.डी. कल्ला ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि खेजड़ी को बचाने के लिए सख्त कानून लाया जाना चाहिए और इसमें देरी समझ से परे है। बी.डी. कल्ला ने सवाल उठाया कि जब विधानसभा का सत्र एक दिन के लिए बढ़ाया गया था, तब सरकार चाहती तो कानून पेश किया जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुख्यमंत्री सदन के पटल पर यह स्पष्ट आश्वासन दे दें कि 15 दिन के भीतर कानून लाया जाएगा, तो पूरा आंदोलन और अनशन स्वतः समाप्त हो सकता है।

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