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Jaipur News: स्मार्ट पुलिसिंग का असर! छह महीने में कम हुए गंभीर अपराध, डीजीपी ने गिनाईं उपलब्धियां
Mon, 06 Jul 2026 05:24 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2026 05:24 PM IST
सार
हत्या, लूट, डकैती और दुष्कर्म जैसे अपराधों में कमी का दावा करते हुए राजस्थान पुलिस ने छह महीने का रिपोर्ट कार्ड जारी किया है। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि आने वाले समय में स्मार्ट पुलिसिंग को और मजबूत किया जाएगा।
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डीजीपी पुलिस राजस्थान, राजीव शर्मा
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विस्तार
राजस्थान पुलिस ने पिछले छह महीनों की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए दावा किया है कि प्रदेश में गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि अब पुलिस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध की रोकथाम, अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने और तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया जाएगा।
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राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 की पहली छमाही की तुलना में वर्ष 2026 की समान अवधि में भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज कुल अपराधों में 4.65 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में जहां 99,272 मामले दर्ज हुए थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या घटकर 94,652 रह गई। दूसरी ओर पुलिस की सक्रिय कार्रवाई के चलते स्थानीय और विशेष अधिनियमों के तहत दर्ज मामलों में 4.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो अपराधियों के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई का संकेत है। उन्होंने बताया कि हत्या के मामलों में 4.41 प्रतिशत, हत्या के प्रयास में 11.17 प्रतिशत, डकैती में 16.28 प्रतिशत और लूट की घटनाओं में 19.93 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अपहरण के मामलों में 4.72 प्रतिशत, दुष्कर्म के मामलों में 13.36 प्रतिशत तथा पॉक्सो एक्ट के मामलों में 20.90 प्रतिशत की गिरावट आई है। एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में भी 18.81 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।
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संपत्ति संबंधी अपराधों में पुलिस की रिकवरी क्षमता में भी बड़ा सुधार हुआ है। लूट के मामलों में बरामदगी 71 प्रतिशत से बढ़कर 79.09 प्रतिशत हो गई है। नकबजनी के मामलों में रिकवरी 9.58 प्रतिशत से बढ़कर 58.24 प्रतिशत तथा चोरी के मामलों में 10.34 प्रतिशत से बढ़कर 24.79 प्रतिशत तक पहुंच गई है। नशा तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत 29.94 प्रतिशत अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। आबकारी अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई में वृद्धि दर्ज की गई। पुलिस ने 20 जिलों में 224 हॉटस्पॉट चिन्हित कर विशेष अभियान चलाया और अवैध मादक पदार्थ तस्करों की करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
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महिला सुरक्षा के मोर्चे पर भी पुलिस ने बेहतर प्रदर्शन का दावा किया। छेड़छाड़, दुष्कर्म और पॉक्सो मामलों में कमी आने के साथ ही अनुसंधान की अवधि भी काफी घटाई गई है। दुष्कर्म के मामलों में औसत जांच अवधि 81 दिन से घटकर 52 दिन और पॉक्सो मामलों में 78.2 दिन से घटकर 51.2 दिन रह गई है। कालिका पेट्रोल यूनिट, एंटी रोमियो स्क्वाड, सुरक्षा सखी और वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाया गया है।
साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए प्रदेश के सभी 41 पुलिस जिलों में साइबर पुलिस थाने स्थापित किए जा चुके हैं। साइबर हेल्पलाइन 1930 की क्षमता बढ़ाई गई है और दो अतिरिक्त व्हाट्सएप नंबर भी शुरू किए गए हैं। डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में अब तक 174 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई तथा 52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होल्ड कराई गई। साथ ही 1.84 लाख गुम मोबाइल ट्रेस किए गए, जिनमें से 61 हजार से अधिक मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं।
राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि भविष्य में सीआईडी (सीबी), एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के माध्यम से बड़े ड्रग माफिया, रंगदारी मांगने वाले गैंगस्टर्स और संगठित अपराधियों की अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क और जब्त किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर विदेशों में छिपे अपराधियों के प्रत्यर्पण की कार्रवाई भी की जाएगी। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की स्थापना भी प्राथमिकता में रहेगी।