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Hindi News ›   Sports ›   Delhi High Court asked WFI to decide matter of show-cause notice to Vinesh Phogat within two weeks

Vinesh-WFI: दिल्ली हाई कोर्ट का डब्ल्यूएफआई को निर्देश, दो सप्ताह के भीतर कारण बताओ नोटिस पर फैसला करने कहा

Mon, 06 Jul 2026 04:57 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शोभित चतुर्वेदी Updated Mon, 06 Jul 2026 04:57 PM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने डब्ल्यूएफआई को पहलवान विनेश फोगाट के कारण बताओ नोटिस पर दो हफ्ते में फैसला करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उनकी याचिका का निपटारा किया क्योंकि एशियाई खेलों के ट्रायल से जुड़ी मांग अब निष्प्रभावी हो चुकी है। हालांकि, डब्ल्यूएफआई ने अदालत को बताया कि फैसले से पहले विनेश को निजी सुनवाई का मौका मिलेगा।

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Delhi High Court asked WFI to decide matter of show-cause notice to Vinesh Phogat within two weeks
विनेश फोगाट - फोटो : PTI

विस्तार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को निर्देश दिया है कि वह पहलवान विनेश फोगाट को अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के आरोपों में जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर दो सप्ताह के भीतर फैसला करे। न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा ने विनेश फोगाट की याचिका पर कार्यवाही को समाप्त कर दिया। 
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विनेश को व्यक्तिगत सुनवाई का मिलेगा मौका
फोगाट ने इस याचिका में कारण बताओ नोटिस के साथ-साथ डब्ल्यूएफआई की चयन नीति और सर्कुलर को चुनौती दी थी। भारतीय कुश्ती महासंघ के वकील द्वारा यह बताए जाने के बाद कि एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में भाग लेने से जुड़ी विनेश की शिकायत अब निष्प्रभावी हो चुकी है, कोर्ट ने इस याचिका का निपटारा करने का निर्णय लिया। दरअसल, विनेश की इस याचिका का मुख्य मुद्दा एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति पाना था। कुश्ती महासंघ के वकील ने अदालत को सूचित किया कि न्यायिक आदेशों के तहत विनेश को पहले ही ट्रायल में शामिल होने की अनुमति दी जा चुकी है और वह इसमें हिस्सा ले भी चुकी हैं जिसके बाद उनकी याचिका अब अप्रांसगिक हो चुकी है। 

डब्ल्यूएफआई के वकील ने साथ ही अदालत को आश्वासन दिया कि कारण बताओ नोटिस पर जल्द ही फैसला ले लिया जाएगा, जिसके बाद याचिका का निपटारा किया जा सकता है। अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए आदेश दिया, 'याचिकाकर्ता और अदालत को सूचित करते हुए नौ मई के कारण बताओ नोटिस पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लें।' कुश्ती महासंघ के वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि नोटिस पर कोई भी अंतिम निर्णय लेने से पहले विनेश फोगाट को व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिया जाएगा। हालांकि, विनेश के वकील ने तर्क दिया कि इस याचिका में चयन नीति से जुड़े बड़े मुद्दे उठाए गए हैं, लेकिन अदालत ने कहा कि इसके लिए एथलीट को नई याचिका दायर करनी होगी। अदालत ने कहा, इस याचिका को निपटाया जा सकता है और इसके बाद आप एक नई रिट याचिका दायर कर सकते हैं।
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क्या है पूरा विवाद?
सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया गया कि न्यायिक आदेशों के बाद विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। वहीं, विनेश के वकील ने बताया कि ट्रायल के दौरान उनके आचरण को लेकर उन्हें एक नया कारण बताओ नोटिस भी मिला है। इससे पहले नौ मई को डब्ल्यूएफआई ने विनेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और डोपिंग रोधी नियमों के तहत संन्यास से लौटने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि का हवाला देते हुए उन्हें 26 जून 2026 तक घरेलू आयोजनों में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था।

विनेश फोगाट ने अपनी याचिका में डब्ल्यूएफआई की चयन नीति और उस सर्कुलर को चुनौती दी थी, जिसके तहत एशियाई खेलों के ट्रायल में भाग लेने की पात्रता केवल कुछ विशेष टूर्नामेंटों के पदक विजेताओं तक ही सीमित कर दी गई थी। मालूम हो कि विनेश फोगाट महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग के एक कड़े सेमीफाइनल मुकाबले में मीनाक्षी गोयात से 4-6 से हारकर एशियाई खेलों के चयन ट्रायल से बाहर हो गई थीं। 
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