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Rajasthan: नियमों की पालना करने पर हुई सजा! निलंबित शिक्षकों ने उठाई आवाज, निलंबन वापस लेने की मांग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 15 Jul 2025 08:47 PM IST
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सार

Rajasthan: शिक्षकों ने बताया कि उन्होंने इन सरकारी आदेशों का पालन  किया तब भी उन्हें 14 जुलाई 2025 को निलंबित कर दिया गया। उनका आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य राज्य सरकार के नियमों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं और विरोध करने वाले शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

Rajasthan: Punishment for following rules! Suspended teachers raised their voice
निलंबित शिक्षकों ने उठाई आवाज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजधानी के आदर्श नगर स्थित आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में तैनात छह शिक्षकों को ग्रीष्मावकाश में शिविरा पंचांग के अनुसार अवकाश पालन करने पर निलंबित कर दिया गया। निलंबन से आहत इन शिक्षकों ने मंगलवार को यूथ हॉस्टल जयपुर में प्रेसवार्ता कर शिक्षा विभाग से न्याय की गुहार लगाई।

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निलंबित शिक्षकों महिपाल सिंह कुलहरि, सुशील जैन, देवराज शर्मा, सतीश कुमार वशिष्ठ, राजेश नरूका और सतीश कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित शिविरा पंचांग की अवहेलना करते हुए ग्रीष्मावकाश की अवधि मनमाने ढंग से 17 मई से 17 जून 2025 तक घोषित कर दी, जबकि राज्य सरकार ने इससे भिन्न अवधि तय की थी। शिक्षकों के अनुसार उन्होंने विद्यालय प्रधानाचार्य को कई बार लिखित और मौखिक रूप से अनुरोध किया कि अवकाश शिविरा पंचांग के अनुसार ही दिया जाए। इसके बावजूद विद्यालय प्रबंधन ने जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी के स्पष्ट आदेशों को भी नजरअंदाज कर दिया। जयपुर जिला कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी अनुदानित विद्यालयों को 30 जून 2025 से पहले स्कूल न खोलने के आदेश जारी किए थे।

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शिक्षकों ने बताया कि उन्होंने इन सरकारी आदेशों का पालन किया तब भी  उन्हें 14 जुलाई 2025 को निलंबित कर दिया गया। उनका आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य राज्य सरकार के नियमों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं और विरोध करने वाले शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा है।


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प्रेसवार्ता में शिक्षकों ने यह भी बताया कि विद्यालय में वेतन भुगतान को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं हैं। कुछ शिक्षकों को अप्रैल 2020 से नियमित वेतन तक नहीं दिया गया है, जबकि विद्यालय को जून 2024 में ही एक करोड़ अस्सी लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हो चुकी है। शिक्षकों का कहना है कि बार-बार मांग के बावजूद बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया और आवाज उठाने पर उन्हें निलंबन का सामना करना पड़ा।

पीड़ित शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और विभागीय अधिकारियों से अपील की है कि उनका निलंबन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, विद्यालय में शिविरा पंचांग की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित कराई जाए, बकाया वेतन का शीघ्र भुगतान किया जाए और विद्यालय प्रबंधन की भूमिका की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन करने को भी विवश होंगे।

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