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राजस्थान के सबसे बड़े चुनाव का रोडमैप तय: पंचायत-निकाय चुनाव में डेढ लाख दावेदार, 5.45 करोड़ होंगे वोटर

Tue, 21 Jul 2026 07:24 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Tue, 21 Jul 2026 07:24 AM IST
सार

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव का कार्यक्रम तय हो गया है। 17 अगस्त से प्रक्रिया शुरू होगी। करीब 1.54 लाख पदों के लिए चुनाव होंगे, जिनमें लाखों उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरेंगे।

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Rajasthan Sets Stage for Mega Local Elections; Over 1.5 Lakh Aspirants to Enter the Fray
राजस्थान पंचायत चुनाव - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

राजस्थान में अब लोकतंत्र का सबसे बड़ा जमीनी महापर्व शुरू होने जा रहा है। पंचायत और निकाय चुनावों के लिए सरकार ने विस्तृत कार्यक्रम तय कर दिया है। करीब 1.54 लाख निर्वाचित पदों पर होने वाले इस चुनाव में लाखों दावेदार अपनी किस्मत आजमाएंगे। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद तय हुए कार्यक्रम के अनुसार निकाय चुनाव की प्रक्रिया 17 अगस्त से और पंचायत चुनाव 23 सितंबर से शुरू होंगे, जबकि पूरी चुनावी प्रक्रिया 15 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी।

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सरकार के अनुसार, नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में 10,245 वार्डों के 16,482 मतदान केंद्रों पर होंगे, जिनमें 1,43,75,806 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके बाद चार चरणों में होने वाले पंचायतीराज चुनाव 45,316 मतदान केंद्रों पर संपन्न होंगे, जिनमें 4,02,18,969 मतदाता मतदान करेंगे। यानी दोनों चुनावों में मिलाकर करीब 5.46 करोड़ मतदाता लोकतंत्र के इस महाअभियान में भाग लेंगे। चुनाव कराना प्रशासनिक दृष्टि से भी बड़ी चुनौती होगी। एक चरण के नगरीय निकाय चुनाव के लिए लगभग 60 हजार सरकारी कर्मचारियों और 50 हजार पुलिसकर्मियों की आवश्यकता होगी। वहीं पंचायतीराज चुनाव के प्रत्येक चरण में 80 हजार कर्मचारी और 70 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
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अप्रत्यक्ष रूप से होगा महापौर का चुनाव
इसी कारण दोनों चुनाव क्रमिक रूप से कराने का निर्णय लिया गया है। नगरीय निकाय चुनाव में मतदाता सीधे पार्षद (सदस्य) का चुनाव करेंगे, जबकि महापौर, सभापति, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होगा। दूसरी ओर पंचायतीराज चुनाव में मतदाता सीधे वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य का चुनाव करेंगे। इसके बाद प्रधान, उपप्रधान, जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख का निर्वाचन अप्रत्यक्ष रूप से होगा।
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चार चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
सरकार के अनुसार पंचायत चुनाव की घोषणा 23 सितंबर को होगी, जबकि अधिसूचना 28 सितंबर को जारी की जाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि 1 अक्टूबर और नाम वापसी 5 अक्टूबर निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों की अंतिम सूची भी 5 अक्टूबर को जारी होगी। पंचायत चुनाव का पहला चरण 12 अक्टूबर, दूसरा 23 अक्टूबर, तीसरा 28 अक्टूबर और चौथा चरण 2 नवंबर को प्रस्तावित है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव क्रमश: 13, 23, 29 अक्टूबर और 3 नवंबर को होंगे। वहीं पंच और सरपंच के चुनाव 14, 24, 30 अक्टूबर और 4 नवंबर को चार चरणों में कराए जाएंगे।

दो चरणों में निकाय चुनाव
नगर निकाय चुनाव की घोषणा 17 अगस्त को होगी और 22 अगस्त को अधिसूचना जारी की जाएगी। नामांकन 27 अगस्त तक लिए जाएंगे, जबकि 29 अगस्त को जांच और 31 अगस्त को नाम वापसी होगी। 1 सितंबर को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 6 सितंबर और दूसरे चरण का मतदान 9 सितंबर को होगा। मतगणना 11 सितंबर को होगी। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव के लिए 12 सितंबर को अधिसूचना, 14 सितंबर को नामांकन, 15 सितंबर को जांच, 16 सितंबर को नाम वापसी तथा 19 सितंबर को मतदान और मतगणना होगी। उपाध्यक्ष का निर्वाचन 20 सितंबर को होगा।

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ओबीसी आयोग को अंतिम मोहलत
हाईकोर्ट ने ओबीसी आयोग के सचिव को निर्देश दिया कि 5 अगस्त तक राजनीतिक आरक्षण संबंधी रिपोर्ट हर हाल में प्रस्तुत की जाए। अदालत ने कहा कि इसके बाद आरक्षण प्रक्रिया पूरी कर चुनाव कार्यक्रम लागू किया जाएगा।



खंडपीठ ने कहा- अब और देरी नहीं
खंडपीठ ने कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव पहले ही काफी विलंबित हो चुके हैं। इसलिए राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को अब कोई अतिरिक्त समय नहीं मिलेगा। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी कारण से चुनाव कार्यक्रम में देरी हुई तो संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।

प्रदेश में पंचायतों की स्थिति

  • ग्राम पंचायत: 14,403 (1,30,282 वार्ड)
  • पंचायत समिति: 457 (8,221 वार्ड)
  • जिला परिषद: 41 (1,403 वार्ड)


प्रदेश में करीब 14,403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों, 41 जिला परिषदों तथा 300 से अधिक नगर निकायों में चुनाव लंबे समय से लंबित हैं। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद अब चुनाव प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है।

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