Ranthambore News: मानसून में रणथंभौर अलर्ट मोड पर; बाघ के हमले से बचाने के लिए इस बार ये खास इंतजाम
मानसून के साथ रणथंभौर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने वन्यजीव संरक्षण, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और जंगल में तैनात वनकर्मियों की तैयारियों को लेकर व्यापक इंतजाम किए हैं। भारी बारिश और वन्यजीवों की गतिविधियों को देखते हुए गश्त बढ़ाई गई है, जबकि कोर क्षेत्र में सफारी 30 सितंबर तक बंद रहेगी।
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विस्तार
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पिछले साल बाघ के जानलेवा हमलों की घटनाओं के बाद वन विभाग ने मानसून सीजन के लिए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदल दी है। मानसून और वन्यजीवों के प्रजनन काल को देखते हुए रणथंभौर और सरिस्का टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में जंगल सफारी एवं पर्यटन गतिविधियां 30 सितंबर तक बंद रहेंगी। हालांकि रणथंभौर के बफर जोन 6 से 10 में सीमित पर्यटन जारी रहेगा।
धार्मिक स्थलों पर बढ़ाई गई सुरक्षा
मानसून के दौरान टाइगर रिजर्व के भीतर स्थित धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त वनकर्मियों की तैनाती की गई है। रणथम्भौर प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित रहे और मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका कम हो।
गश्त और निगरानी हुई तेज
बारिश के मौसम में वन्यजीवों की गतिविधियों और आवाजाही के पैटर्न में बदलाव को देखते हुए रिजर्व क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। वनकर्मियों को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने, वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
वनकर्मियों के लिए विशेष इंतजाम
जंगल के दूर-दराज इलाकों में तैनात वनकर्मियों के लिए अस्थायी कैंप लगाए गए हैं। उन्हें मौके पर ही रहने, खाने-पीने, बारिश से बचाव, रोशनी और संचार की पूरी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है, ताकि खराब मौसम में भी गश्त और वन्यजीवों की निगरानी बिना रुके जारी रह सके।
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पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय
रणथंभौर प्रशासन ने पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य विभागों के साथ संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे मानसून के दौरान जंगल में प्रवेश संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें, प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाएं और किसी भी आपात स्थिति या वन्यजीव से जुड़ी घटना की तुरंत सूचना वन विभाग को दें। प्रशासन का कहना है कि मानसून के पूरे मौसम में वन्यजीव संरक्षण, पर्यटकों की सुरक्षा और फील्ड संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।