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Rajasthan: RPSC पेपर लीक का मुख्य सरगना विनोद रेवाड़ गिरफ्तार, एसओजी ने चौमू से दबोचा

Thu, 16 Jul 2026 09:38 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Thu, 16 Jul 2026 09:38 PM IST
सार

राजस्थान एसओजी ने आरपीएससी स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती-2022 पेपर लीक के मुख्य सरगना विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ को गिरफ्तार किया। आरोपी पर कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक में शामिल होने का आरोप है।

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RPSC School Lecturer Exam 2022 Paper Leak Kingpin Vinod Rewad Arrested by Rajasthan SOG
अभियुक्त विनोद कुमार जाट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की प्राध्यापक/स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ को गिरफ्तार किया है।

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एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि मुकदमा संख्या 13/2026 की जांच में सामने आया कि पेपर लीक गिरोह के सरगना अनिल कुमार मीणा उर्फ शेर सिंह ने तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा से करीब 60 लाख रुपये में प्रश्न-पत्र हासिल किए थे।
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जांच के अनुसार कृषि विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल और शारीरिक शिक्षा विषयों के हलशुदा प्रश्न-पत्र परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए। विनोद रेवाड़ ने करीब 50 लाख रुपये में चारों विषयों के प्रश्न-पत्र प्राप्त किए। उसने कृषि विज्ञान के अभ्यर्थी अशोक कुमार यादव से करीब सात लाख रुपये लेकर परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र पढ़ाया। इसके बाद अशोक यादव का चयन स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) के पद पर हुआ और उसकी नियुक्ति सीकर जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दिवराला में हुई। इस मामले में अशोक यादव, अनिल मीणा और बाबूलाल कटारा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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एसओजी की जांच में यह भी सामने आया कि विनोद रेवाड़ वर्ष 2021 की उप निरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में भी शामिल था। उस प्रकरण में उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। वर्ष 2025 में उसे ओडिशा से गिरफ्तार किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने आठ अभ्यर्थियों से करीब 10-10 लाख रुपये लेकर उन्हें प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराया था।


इसके अलावा वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) भर्ती परीक्षा-2022 के सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान प्रश्न-पत्र लीक मामले में भी उसकी भूमिका सामने आई है। एसओजी के अनुसार विनोद रेवाड़ ने 29 अभ्यर्थियों से करीब 57 लाख रुपये लेकर उन्हें परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र पढ़ाया था। ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) भर्ती परीक्षा-2021 सहित अन्य पेपर लीक मामलों में भी वह वांछित है। हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की याचिका भी खारिज कर दी थी।

एसओजी की विशेष टीम ने चौमू क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 20 जुलाई 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब जांच एजेंसी पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और लाभार्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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