सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   SMS Hospital Introduces AI-Based Robotic Physiotherapy for Spinal Injury and Paralysis Patients

SMS Hospital Jaipur: राजस्थान में पहली बार AI आधारित रोबोटिक फिजियोथेरेपी, SMS अस्पताल में होगी शुरुआत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Thu, 18 Jun 2026 03:55 PM IST
विज्ञापन
सार

जयपुर के एसएमएस अस्पताल में एआई आधारित रोबोटिक फिजियोथेरेपी सिस्टम शुरू होगा। यह तकनीक स्पाइनल इंजरी और पैरालिसिस मरीजों को बेहतर पुनर्वास, निरंतर थेरेपी और तेज रिकवरी में मदद करेगी।

SMS Hospital Introduces AI-Based Robotic Physiotherapy for Spinal Injury and Paralysis Patients
sms hospital - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस हॉस्पिटल में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित रोबोटिक फिजियोथेरेपी सिस्टम की शुरुआत होने जा रही है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस यह सिस्टम विशेष रूप से स्पाइनल कॉर्ड इंजरी और पैरालिसिस से जूझ रहे मरीजों के पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) में मदद करेगा। सिस्टम को अस्पताल के रिहैब सेंटर में स्थापित किया गया है और इंस्टॉलेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही मरीजों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।

एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक एवं रिहैब सेंटर के निदेशक डॉ. मृणाल जोशी ने बताया कि इस केंद्र में राजस्थान का एकमात्र स्टेट स्पाइनल इंजरी सेंटर संचालित होता है, जहां बड़ी संख्या में रीढ़ की हड्डी की गंभीर चोट और पक्षाघात से पीड़ित मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे मरीजों को लंबे समय तक नियमित और गहन फिजियोथेरेपी की आवश्यकता होती है, जिससे उनकी शारीरिक कार्यक्षमता में सुधार लाया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच राहत

डॉ. जोशी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या अधिक होने और प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट की सीमित उपलब्धता के कारण हर मरीज को पर्याप्त समय तक इंटेंसिव थेरेपी देना चुनौतीपूर्ण होता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में एआई आधारित रोबोटिक फिजियोथेरेपी सिस्टम स्थापित किया गया है, जो थेरेपी की निरंतरता और गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा।

विज्ञापन


यह भी पढें- थार लूटकांड का चौंकाने वाला खुलासा, गाड़ी मालिक ही निकला मास्टरमाइंड; दोस्तों संग मिलकर रची फर्जी लूट की साजिश

कैसे करेगा काम?

यह स्मार्ट रोबोटिक सिस्टम फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा किए जाने वाले मूवमेंट, तकनीकों और थेरेपी पैटर्न को सीखकर उसी प्रकार मरीजों को प्रशिक्षण देगा। मरीज की शारीरिक स्थिति और जरूरत के अनुसार यह निर्धारित एक्सरसाइज को दोहराने में सक्षम होगा, जिससे उपचार अधिक प्रभावी बन सकेगा।

सिस्टम की खासियत यह है कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर आधारित है और उपयोग के साथ लगातार सीखता रहता है। समय के साथ यह मरीजों की जरूरतों और उपचार के पैटर्न को बेहतर तरीके से समझकर अपनी कार्यक्षमता में सुधार करेगा।

मरीजों को होंगे कई फायदे

- पैरालिसिस और स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के मरीजों को विशेष लाभ मिलेगा।

- लंबे समय तक इंटेंसिव फिजियोथेरेपी उपलब्ध कराना आसान होगा।

- थेरेपी की गुणवत्ता और निरंतरता में सुधार होगा।

- मरीजों की जीवन गुणवत्ता (Quality of Life) बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

- सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक एआई और रोबोटिक तकनीक का विस्तार होगा।

फिजियोथेरेपिस्ट को दी गई विशेष ट्रेनिंग

स्पताल प्रशासन के अनुसार सिस्टम के संचालन के लिए फिजियोथेरेपिस्ट को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीजों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

डॉ. मृणाल जोशी ने कहा कि यह पहल सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक आधारित उपचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे स्पाइनल इंजरी और पैरालिसिस के मरीजों के पुनर्वास में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed