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Jaipur News: JEN पेपर लीक मामले में जल संसाधन विभाग का AEN गिरफ्तार, 25 लाख देकर खरीदा था सॉल्व्ड पेपर
Mon, 03 Aug 2026 07:17 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2026 07:17 PM IST
सार
जेईएन भर्ती परीक्षा-2021 के प्रश्नपत्र लीक मामले में राजस्थान एसओजी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने 25 लाख रुपये देकर परीक्षा से पहले सॉल्व्ड प्रश्नपत्र हासिल किया था।
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गिरफ्तार आरोपी अतुल मीणा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 की पुनः आयोजित परीक्षा-2021 के प्रश्न-पत्र लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जल संसाधन विभाग में कार्यरत सहायक अभियंता अतुल मीणा को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर एसओजी ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस अभिरक्षा पर लिया गया है। अब वह 5 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर रहेगा।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि मूल जेईएन संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 के संबंध में थाना सांगानेर में प्रकरण दर्ज हुआ था और बाद में परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि 12 सितंबर 2021 को आयोजित पुनः परीक्षा का प्रश्न-पत्र भी परीक्षा से पहले लीक होकर पेपर माफिया तक पहुंच चुका था। इसके आधार पर 19 जनवरी 2026 को एसओजी थाना में नया मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
जांच में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी हर्षवर्धन कुमार मीणा उर्फ पटवारी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने अतुल मीणा सहित कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले सॉल्व्ड प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। जांच में यह भी सामने आया कि हर्षवर्धन ने अतुल मीणा से 25 लाख रुपये लेकर लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था।
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एसओजी की पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि अतुल मीणा ने अपने एक निकट संबंधी के माध्यम से यह सौदा तय किया था। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी ने इस भर्ती परीक्षा के अलावा लगभग एक दर्जन अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी भाग लिया था लेकिन उसे किसी अन्य परीक्षा में सफलता नहीं मिली।
एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था तथा किन अन्य अभ्यर्थियों ने लीक प्रश्नपत्र का लाभ उठाया। पुलिस का मानना है कि पूछताछ से पेपर लीक गिरोह के अन्य सदस्यों और लाभार्थियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस अजयपाल लांबा के निर्देशन, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन तथा पुलिस अधीक्षक कुन्दन कंवरिया के नेतृत्व में गठित एसओजी टीम द्वारा की गई। मामले में अनुसंधान जारी है और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि मूल जेईएन संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 के संबंध में थाना सांगानेर में प्रकरण दर्ज हुआ था और बाद में परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि 12 सितंबर 2021 को आयोजित पुनः परीक्षा का प्रश्न-पत्र भी परीक्षा से पहले लीक होकर पेपर माफिया तक पहुंच चुका था। इसके आधार पर 19 जनवरी 2026 को एसओजी थाना में नया मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
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जांच में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी हर्षवर्धन कुमार मीणा उर्फ पटवारी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने अतुल मीणा सहित कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले सॉल्व्ड प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। जांच में यह भी सामने आया कि हर्षवर्धन ने अतुल मीणा से 25 लाख रुपये लेकर लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था।
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एसओजी की पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि अतुल मीणा ने अपने एक निकट संबंधी के माध्यम से यह सौदा तय किया था। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपी ने इस भर्ती परीक्षा के अलावा लगभग एक दर्जन अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी भाग लिया था लेकिन उसे किसी अन्य परीक्षा में सफलता नहीं मिली।
एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था तथा किन अन्य अभ्यर्थियों ने लीक प्रश्नपत्र का लाभ उठाया। पुलिस का मानना है कि पूछताछ से पेपर लीक गिरोह के अन्य सदस्यों और लाभार्थियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस अजयपाल लांबा के निर्देशन, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन तथा पुलिस अधीक्षक कुन्दन कंवरिया के नेतृत्व में गठित एसओजी टीम द्वारा की गई। मामले में अनुसंधान जारी है और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।