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राजस्थान के न्यायिक अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से झटका: 60 साल में ही होंगे रिटायर, सभी राज्यों से मांगा जवाब

Wed, 22 Jul 2026 01:49 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/ जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/ जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Wed, 22 Jul 2026 01:49 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के जिला न्यायिक अधिकारियों को 60 वर्ष में सेवानिवृत्त करने की अनुमति दी। सभी राज्यों और हाईकोर्ट से सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने पर 5 अगस्त तक स्पष्ट रुख मांगा है।

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Supreme Court Allows Rajasthan Judicial Officers to Retire at 60, Seeks Nationwide Stand on Retirement Age
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के जिला एवं अधीनस्थ न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने संबंधी अपने अंतरिम आदेश में संशोधन करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के न्यायिक अधिकारी फिलहाल 60 वर्ष की मौजूदा आयु पर ही सेवानिवृत्त होंगे। अदालत ने कहा कि 60 वर्ष के बाद सेवा जारी रखने का लाभ केवल उन्हीं राज्यों में मिलेगा, जहां राज्य सरकार और संबंधित हाईकोर्ट दोनों इसकी सिफारिश करेंगे।
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मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को ऑल इंडिया जजेज एसोसिएशन मामले की सुनवाई के दौरान 13 जुलाई 2026 के अंतरिम आदेश में संशोधन किया।
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राजस्थान सरकार ने रखा अपना पक्ष

सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राज्य में सरकारी कर्मचारियों और जिला स्तर के न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष निर्धारित है तथा इसे बढ़ाने की कोई सिफारिश नहीं की गई है। अदालत ने यह भी रिकॉर्ड पर लिया कि कई अन्य राज्यों ने भी सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का विरोध किया है।
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केवल सहमति वाले राज्यों में मिलेगा लाभ

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जहां राज्य सरकार और संबंधित हाईकोर्ट दोनों की सहमति होगी, वहीं न्यायिक अधिकारियों को 60 वर्ष के बाद भी सेवा में बने रहने का लाभ मिलेगा। जिन राज्यों में ऐसी सिफारिश नहीं है, वहां अधिकारी निर्धारित आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त होंगे।

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मध्य प्रदेश और तेलंगाना का भी किया उल्लेख

पीठ ने मध्य प्रदेश और तेलंगाना के मामलों पर भी विचार किया। अदालत ने कहा कि इन राज्यों में सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का मामला अलग परिस्थितियों में सामने आया था, क्योंकि वहां राज्य सरकारों की ओर से इसकी सिफारिश की गई थी। विशेष रूप से मध्य प्रदेश का मामला अलग तथ्यात्मक स्थिति पर आधारित बताया गया।


सभी राज्यों और हाईकोर्ट से हलफनामा तलब

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और उच्च न्यायालयों को निर्देश दिया है कि वे न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 61 वर्ष करने के संबंध में अपना स्पष्ट रुख हलफनामे के माध्यम से प्रस्तुत करें। अदालत इस मुद्दे पर पूरे देश के लिए एक समान दृष्टिकोण अपनाने पर विचार करेगी।

5 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त 2026 को होगी। उस दिन सुप्रीम कोर्ट सभी राज्यों और हाईकोर्टों के जवाब पर विचार करते हुए इस मुद्दे पर अखिल भारतीय स्तर पर आगे की सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा और राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से बीना माधवन ने पक्ष रखा।
 
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