सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Supreme Court Directs Rajasthan Government To Introduce Rajasthani Language In Schools

Rajasthan: राजस्थानी भाषा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, स्कूलों में चरणबद्ध लागू करने के निर्देश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Wed, 13 May 2026 09:47 AM IST
विज्ञापन
सार

Rajasthan News: सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को सरकारी और निजी स्कूलों में राजस्थानी भाषा को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने 30 सितंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट मांगी है और कहा कि मातृभाषा में शिक्षा बच्चों के विकास के लिए बेहद जरूरी है।

Supreme Court Directs Rajasthan Government To Introduce Rajasthani Language In Schools
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार

राजस्थान में लंबे समय से उठ रही राजस्थानी भाषा को शिक्षा व्यवस्था में शामिल करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह राजस्थानी भाषा को सरकारी और निजी विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए ठोस और समयबद्ध कदम उठाए। साथ ही कोर्ट ने 30 सितंबर 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
Trending Videos


राजस्थानी भाषा का ऐतिहासिक महत्व
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि राजस्थानी भाषा का समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है। अदालत ने माना कि यह भाषा पहले से राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जा रही है, इसलिए इसकी शैक्षणिक मान्यता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


‘सीमित दृष्टिकोण’ अपनाने पर सरकार को टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की उस नीति पर भी टिप्पणी की, जिसमें केवल संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं को ही अतिरिक्त भाषा के रूप में स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है। अदालत ने इसे “सीमित दृष्टिकोण” बताया और कहा कि मातृभाषा में शिक्षा बच्चों के बौद्धिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए बेहद जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति और संविधान की मूल भावना भी बच्चों को मातृभाषा में शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर देती है।

कोर्ट बोला- संवैधानिक अधिकारों पर नहीं रह सकते मूकदर्शक
खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि न्यायालय शिक्षा नीति बनाने में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता, लेकिन जब संवैधानिक अधिकारों के क्रियान्वयन में लगातार निष्क्रियता दिखाई दे, तब अदालत मूकदर्शक नहीं रह सकती।

रीट और शिक्षक भर्ती में शामिल करने की थी मांग
यह मामला पदम मेहता और अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में मांग की गई थी कि राजस्थानी भाषा को स्कूल शिक्षा, शिक्षक भर्ती परीक्षाओं और विशेष रूप से रीट परीक्षा में शामिल किया जाए। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. मनीष सिंघवी और अधिवक्ता अपूर्व सिंघवी ने अदालत को बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार करीब 4.36 करोड़ लोग राजस्थानी भाषा बोलते हैं। इतनी व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषा को शिक्षा व्यवस्था में उचित स्थान मिलना चाहिए।

ये भी पढ़ें-  NEET UG 2026: राजस्थान से लीक नहीं हुआ NEET पेपर, SOG के आईजी का दावा; जांच अब CBI के हाथों में

हाईकोर्ट ने पहले खारिज की थी याचिका
गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि शिक्षा नीति से जुड़े मामलों में अदालत सीधे निर्देश जारी नहीं कर सकती। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले के बाद अब राजस्थान के स्कूलों में राजस्थानी भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed