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पटवार भर्ती-2021 पेपर फर्जीवाड़ा: डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाने वाला निलंबित पटवारी गिरफ्तार, एसओजी ने दबोचा

Mon, 20 Jul 2026 04:23 PM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Mon, 20 Jul 2026 04:23 PM IST
सार

राजस्थान एसओजी ने पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाकर नौकरी हासिल करने के आरोप में निलंबित पटवारी दिनेश कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया। जांच में 5 लाख रुपये की डील, मध्यस्थ और डमी अभ्यर्थी की भूमिका भी सामने आई।

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Suspended Patwari Arrested for Using Dummy Candidate in Rajasthan Patwar Recruitment Exam 2021
दिनेश कुमार बिश्नोई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित पटवारी दिनेश कुमार विश्नोई को गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले सिरोही जिले की रेवदर तहसील के मंगरीवाड़ा पटवार हल्के में पटवारी के पद पर तैनात था और वर्तमान में निलंबित चल रहा था।

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एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि सांचौर तहसील के भादरूणा निवासी दिनेश कुमार विश्नोई ने वर्ष 2021 की पटवार भर्ती परीक्षा स्वयं देने के बजाय अपने स्थान पर एक डमी अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठाया था। इस संबंध में एसओजी को गोपनीय शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर जांच शुरू कर मामला दर्ज किया गया।

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जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक मध्यस्थ (दलाल) की मदद से अपने प्रवेश पत्र पर डमी अभ्यर्थी का फोटो लगवाया और कूटरचित हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया। इसके बाद 23 अक्टूबर 2021 को उदयपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर डमी अभ्यर्थी ने उसके स्थान पर परीक्षा दी। परीक्षा परिणाम आने के बाद अंतिम चयन सूची में दिनेश कुमार का चयन पटवारी के पद पर हुआ और उसकी नियुक्ति सिरोही जिले में कर दी गई।

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अनुसंधान के दौरान यह भी सामने आया कि डमी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलाने के बदले आरोपी ने मध्यस्थ के माध्यम से 5 लाख रुपये नकद का भुगतान किया था। मामले में मध्यस्थ की पहचान चौथाराम विश्नोई उर्फ गिला निवासी लियादरा (जिला सांचौर) तथा डमी अभ्यर्थी की पहचान विकम विश्नोई निवासी मीरपुरा (जिला जालौर) के रूप में हुई है।

एसओजी ने इस मामले में तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 419, 420, 467, 468, 471 और 120-बी तथा राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग) अधिनियम, 1992 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

महानिरीक्षक पुलिस अजयपाल लाम्बा के निर्देशन, उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन तथा पुलिस अधीक्षक कुन्दन कंवरिया के नेतृत्व में अनुसंधान अधिकारी पुलिस निरीक्षक नवनीत भारद्वाज की टीम ने लगातार तलाश के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। एसओजी के अनुसार मामले में डमी अभ्यर्थी, मध्यस्थ और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए अनुसंधान जारी है।

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