सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   village of Rajasthan became example of humanity father fulfilled his duty the marriage of his Muslim daughter

राजस्थान का ये गांव बना इंसानियत की मिसाल: मुस्लिम बेटी की शादी में निभाया पिता का फर्ज; गूंजा सौहार्द का सरगम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 17 Jun 2025 08:30 PM IST
विज्ञापन
सार

Jaipur: गांव के युवाओं ने न केवल पैसे दिए, बल्कि शादी की पूरी व्यवस्था भी अपने कंधों पर ली। वे बारात से लेकर निकाह की रस्मों तक हर जगह खुद की जिम्मेदारी समझकर जुड़े रहे। यह शादी अब सिर्फ एक पारिवारिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और मानवता की प्रतीक बन गई है।

village of Rajasthan became example of humanity father fulfilled his duty the marriage of his Muslim daughter
एकता की मिसाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के जोबनेर के निकट स्थित प्रतापपुरा गांव ने सामाजिक सौहार्द और इंसानियत की एक अनोखी मिसाल पेश की है। यहां गांववासियों ने एक मुस्लिम बेटी की शादी को अपने पारिवारिक दायित्व की तरह निभाते हुए ना केवल आर्थिक मदद की, बल्कि शादी की सारी व्यवस्थाएं भी खुद संभालीं। मुस्कान बानो की शादी को लेकर गांव में भाईचारे और सहयोग की जो मिसाल कायम हुई, वह पूरे राजस्थान के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
Trending Videos


पिता की कमी को गांव ने मिलकर पूरा किया
प्रतापपुरा गांव में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के रफीक शाह का निधन वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण के दौरान हो गया था। उनके निधन के बाद परिवार की आर्थिक हालत बदहाल हो गई। रफीक की पत्नी सलमा बानो और पांच बच्चों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया। इसी बीच रफीक की बड़ी बेटी मुस्कान बानो का निकाह 16 जून को छीर निवासी आमीन मोहम्मद के साथ तय हुआ। घर में शादी की खुशी तो थी, लेकिन संसाधनों की भारी कमी ने मां-बेटी की नींदें उड़ा दीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गांव के युवाओं ने संभाला मोर्चा
मुस्कान की शादी में पिता की भूमिका गांव ने निभाई। प्रतापपुरा के युवाओं ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर आर्थिक मदद जुटाने की मुहिम शुरू की। देखते ही देखते आसपास के गांवों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य ग्रामीणों ने भी हाथ बढ़ाया। महज चार दिन में लगभग पौने दो लाख रुपये इकट्ठे हो गए।

मां के हाथों में थाली और आंखों में आंसू
रविवार को ग्रामीणों ने मुस्कान की मां सलमा बानो को विवाह सहायता के रूप में थाली में एक लाख इक्यावन हजार एक सौ इक्यावन रुपये की नकद राशि सौंपी। साथ ही शादी के लिए गृहस्थी का पूरा सामान कपड़े, अटैची, बर्तन, सिलाई मशीन, पंखे, गहने, बेडशीट, सिगार बॉक्स, बाल्टी, हैंडबैग आदि भी भेंट किया। यह पल भावुक कर देने वाला था। सलमा बानो की आंखों से खुशी के आंसू बह निकले।

पढ़ें: राकेश विश्नोई आत्महत्या मामला: चार दिन से परिजन धरने पर, बेनीवाल बोले- न्याय मिलने तक आंदोलन रहेगा जारी

मुस्कान की शादी बनी गांव की शान
गांव के युवाओं ने न केवल पैसे दिए, बल्कि शादी की पूरी व्यवस्था भी अपने कंधों पर ली। वे बारात से लेकर निकाह की रस्मों तक हर जगह खुद की जिम्मेदारी समझकर जुड़े रहे। यह शादी अब सिर्फ एक पारिवारिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और मानवता की प्रतीक बन गई है।

आगे भी मदद के लिए तैयार
इस मुहिम में शामिल ग्रामीण मूलचंद कालावत ने बताया कि "हमने बिटिया की शादी के लिए जो पहल की, वो महज एक शुरुआत है। हमारा उद्देश्य है कि ऐसे जरूरतमंद परिवारों की हम भविष्य में भी मदद करते रहें।"

एकता और सहयोग की प्रेरणा
प्रतापपुरा गांव का यह प्रयास दिखाता है कि यदि समाज एकजुट हो जाए, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं रह जाती। मुस्कान बानो की शादी में जो सहयोग और सद्भाव दिखा, वह आज के समय में समाज को सही दिशा देने वाला उदाहरण है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed