{"_id":"6a47ddc2077e0cf24507ad1d","slug":"patwari-and-broker-arrested-red-handed-while-accepting-a-bribe-the-money-was-being-extorted-in-exchange-for-a-report-on-the-modification-of-land-records-and-land-measurement-jaisalmer-news-c-1-1-noi1407-4464582-2026-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान: 50 हजार की रिश्वत लेते पटवारी और दलाल गिरफ्तार, एसीबी ने ट्रैप कर रंगे हाथों दबोचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्थान: 50 हजार की रिश्वत लेते पटवारी और दलाल गिरफ्तार, एसीबी ने ट्रैप कर रंगे हाथों दबोचा
Sat, 04 Jul 2026 08:03 AM IST
जैसलमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: जैसलमेर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 08:03 AM IST
सार
जैसलमेर में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी लखवीर यादव और उसके कथित दलाल जेटूसिंह को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। जमीन के सीमांकन और राजस्व रिकॉर्ड में इंद्राज के बदले रिश्वत मांगी गई थी। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
एसीबी ने पटवारी और दलाल को किया गिरफ्तार
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जैसलमेर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी और उसके कथित दलाल को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर गोपनीय सत्यापन और योजनाबद्ध ट्रैप ऑपरेशन के बाद की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
एसीबी के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिता की कृषि भूमि की पुनः तरमीम (सीमा निर्धारण), राजस्व रिकॉर्ड में आवश्यक इंद्राज और पैमाइश की मौका रिपोर्ट उपलब्ध कराने के बदले संबंधित पटवारी रिश्वत की मांग कर रहा था। आरोप है कि पटवारी ने सीधे पैसे लेने के बजाय एक निजी व्यक्ति को माध्यम बनाया, जो कथित तौर पर दलाल की भूमिका निभा रहा था।
शिकायत का सत्यापन कर बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी जैसलमेर ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन किया। प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। इसके बाद अधिकारियों ने पूरी रणनीति के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ने की तैयारी की।
विज्ञापन
रिश्वत लेते ही दोनों आरोपी गिरफ्तार
ट्रैप के दौरान जैसे ही 50 हजार रुपये की रिश्वत का लेन-देन हुआ, एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पटवारी लखवीर यादव और निजी व्यक्ति जेटूसिंह को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रिश्वत की रकम कथित दलाल के माध्यम से ली जा रही थी।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई
यह ट्रैप ऑपरेशन एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में संपन्न हुआ। जोधपुर रेंज के उप महानिरीक्षक के सुपरविजन में जैसलमेर एसीबी इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं और क्या पहले भी इसी तरह रिश्वत लेकर सरकारी कार्य किए जाते रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Balotra News: पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण आज, राजस्थान बनेगा देश का नया ऊर्जा हब, जानिए इसकी खास बातें
राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार पर फिर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर राजस्व विभाग में कथित रिश्वतखोरी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जमीन से जुड़े कार्यों जैसे नामांतरण, सीमांकन, पैमाइश और राजस्व रिकॉर्ड में संशोधन के लिए आम लोगों को अक्सर लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे मामलों में रिश्वत मांगने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। एसीबी की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार में लिप्त सरकारी कर्मचारियों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है।
एसीबी ने नागरिकों से की अपील
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या उसके माध्यम से कोई व्यक्ति वैध कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
एसीबी के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिता की कृषि भूमि की पुनः तरमीम (सीमा निर्धारण), राजस्व रिकॉर्ड में आवश्यक इंद्राज और पैमाइश की मौका रिपोर्ट उपलब्ध कराने के बदले संबंधित पटवारी रिश्वत की मांग कर रहा था। आरोप है कि पटवारी ने सीधे पैसे लेने के बजाय एक निजी व्यक्ति को माध्यम बनाया, जो कथित तौर पर दलाल की भूमिका निभा रहा था।
विज्ञापन
शिकायत का सत्यापन कर बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद एसीबी जैसलमेर ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन किया। प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। इसके बाद अधिकारियों ने पूरी रणनीति के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ने की तैयारी की।
विज्ञापन
रिश्वत लेते ही दोनों आरोपी गिरफ्तार
ट्रैप के दौरान जैसे ही 50 हजार रुपये की रिश्वत का लेन-देन हुआ, एसीबी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पटवारी लखवीर यादव और निजी व्यक्ति जेटूसिंह को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रिश्वत की रकम कथित दलाल के माध्यम से ली जा रही थी।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई
यह ट्रैप ऑपरेशन एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में संपन्न हुआ। जोधपुर रेंज के उप महानिरीक्षक के सुपरविजन में जैसलमेर एसीबी इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं और क्या पहले भी इसी तरह रिश्वत लेकर सरकारी कार्य किए जाते रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Balotra News: पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण आज, राजस्थान बनेगा देश का नया ऊर्जा हब, जानिए इसकी खास बातें
राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार पर फिर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर राजस्व विभाग में कथित रिश्वतखोरी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जमीन से जुड़े कार्यों जैसे नामांतरण, सीमांकन, पैमाइश और राजस्व रिकॉर्ड में संशोधन के लिए आम लोगों को अक्सर लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे मामलों में रिश्वत मांगने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। एसीबी की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार में लिप्त सरकारी कर्मचारियों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है।
एसीबी ने नागरिकों से की अपील
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या उसके माध्यम से कोई व्यक्ति वैध कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।