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राजस्थान: विकास कार्यों में लापरवाही पर सांसद सख्त! अफसरों को सुनाई खरी-खरी, कहा- मिलावटी दूध पर लगे तुरंत रोक
Sun, 02 Aug 2026 10:42 AM IST
झालावाड़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झालावाड़
Published by: झालावाड़ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 10:42 AM IST
सार
झालावाड़ में आयोजित दिशा समिति की बैठक में सांसद दुष्यंत सिंह ने अधिकारियों को विकास कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, प्रधानमंत्री आवास योजना समेत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। साथ ही मिलावटी दूध पर प्रभावी रोक लगाने और दूध की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
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सांसद दुष्यंत सिंह ने की योजनाओं की समीक्षा
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
झालावाड़ जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक शनिवार शाम जिला परिषद सभागार में झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाएं तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी होनी चाहिए।
परवन परियोजना की प्रगति तेज करने के निर्देश दिए
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, विद्युत सहित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा की गई। सांसद ने पेयजल संकट वाले गांवों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने, जल अर्पण दिवस को सफल बनाने तथा परवन परियोजना की प्रगति तेज करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों को उन्नत तकनीक, फसल बीमा और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में जिला अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों, दवाइयों और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
जर्जर भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जर्जर विद्यालय भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। सांसद ने रिक्त पदों को भरने, नामांकन बढ़ाने के प्रयास तेज करने और निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही एसएफसी मद की राशि के वितरण और उपयोग की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक करने को कहा, ताकि योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में प्रदेश में सर्वाधिक 49,984 आवास स्वीकृत हुए हैं। सांसद ने शेष आवासों का निर्माण और भुगतान शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। राजीविका और पीएनबी आरसेटी योजनाओं की समीक्षा के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मधुमक्खी पालन सहित आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने तथा प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए।
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बैठक में मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के झालावाड़ प्रवेश द्वार को खोलने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने सांसद के सभी निर्देशों की प्रभावी पालना का भरोसा दिलाते हुए कहा कि विभागवार नियमित मॉनिटरिंग कर लंबित कार्यों को समय पर पूरा कराया जाएगा।
मिलावटी दूध पर प्रभावी रोक के निर्देश
बैठक का सबसे अहम निर्देश डेयरी क्षेत्र को लेकर रहा। सांसद ने झालावाड़ डेयरी, चिकित्सा एवं पशुपालन विभाग को संयुक्त रूप से मिलावटी दूध पर प्रभावी रोक लगाने और दूध की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के दुग्ध उत्पाद गुणवत्ता के आधार पर अपनी अलग पहचान बनाएं और उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं सुरक्षित दूध उपलब्ध कराया जाए।
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परवन परियोजना की प्रगति तेज करने के निर्देश दिए
बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, विद्युत सहित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा की गई। सांसद ने पेयजल संकट वाले गांवों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने, जल अर्पण दिवस को सफल बनाने तथा परवन परियोजना की प्रगति तेज करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों को उन्नत तकनीक, फसल बीमा और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में जिला अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों, दवाइयों और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
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जर्जर भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जर्जर विद्यालय भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। सांसद ने रिक्त पदों को भरने, नामांकन बढ़ाने के प्रयास तेज करने और निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही एसएफसी मद की राशि के वितरण और उपयोग की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक करने को कहा, ताकि योजनाओं में पारदर्शिता बनी रहे। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले में प्रदेश में सर्वाधिक 49,984 आवास स्वीकृत हुए हैं। सांसद ने शेष आवासों का निर्माण और भुगतान शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। राजीविका और पीएनबी आरसेटी योजनाओं की समीक्षा के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मधुमक्खी पालन सहित आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने तथा प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए।
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बैठक में मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के झालावाड़ प्रवेश द्वार को खोलने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने सांसद के सभी निर्देशों की प्रभावी पालना का भरोसा दिलाते हुए कहा कि विभागवार नियमित मॉनिटरिंग कर लंबित कार्यों को समय पर पूरा कराया जाएगा।
मिलावटी दूध पर प्रभावी रोक के निर्देश
बैठक का सबसे अहम निर्देश डेयरी क्षेत्र को लेकर रहा। सांसद ने झालावाड़ डेयरी, चिकित्सा एवं पशुपालन विभाग को संयुक्त रूप से मिलावटी दूध पर प्रभावी रोक लगाने और दूध की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के दुग्ध उत्पाद गुणवत्ता के आधार पर अपनी अलग पहचान बनाएं और उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं सुरक्षित दूध उपलब्ध कराया जाए।