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Jhunjhunu News: दिल में छेद था, मगर इटालियन दंपती के दिल में प्यार; झुंझुनूं के मासूम को मिला नया घर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
Published by: झुंझुनू ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 08:19 AM IST
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सार
झुंझुनूं के पालना गृह में डेढ़ साल के बच्चे के दिल में छेद था। उस मासूम को इटालियन दंपती ने केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण प्रक्रिया के तहत गोद लिया।
इटली के दंपती ने अपनाया झुंझुनूं का मासूम
- फोटो : Social Media
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विस्तार
झुंझुनूं से एक ऐसी कहानी सामने आई है जो भावुक करने वाली है। एक इटालियन दंपती ने उस डेढ़ साल के मासूम बच्चे को गोद लिया है जिसके दिल में जन्म से ही छेद है। बच्चे की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की पूरी जानकारी होने के बावजूद इस दंपती ने एक पल भी नहीं सोचा और उसे अपनाने का फैसला कर लिया।
इटालियन दंपती ने लिया गोद
यह फैसला न सिर्फ उस मासूम की ज़िंदगी बदलने वाला है बल्कि यह इंसानियत और बेशर्त मोहब्बत की एक अनमोल मिसाल भी बन गया है।यह बच्चा करीब डेढ़ साल पहले अपनी नन्ही सी उम्र में प्रीमैच्योर हालत में पालना गृह में छोड़ दिया गया था। जांच के दौरान जब उसके दिल में छेद का पता चला तो उसकी देखभाल शिशु गृह में ही शुरू की गई। इस नाज़ुक बच्चे को एक परिवार की सख्त ज़रूरत थी और आखिरकार वह ज़रूरत उस दंपती ने पूरी की जो हज़ारों मील दूर से उसके लिए चले आए।बच्चे को गोद लेने की पूरी प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के तहत संपन्न हुई।
चार महीने तक चला दस्तावेजीकरण
शिशु गृह के सुपरिटेंडेंट अंकित कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय गोद लेने की प्रक्रिया काफी लंबी और पेचीदा होती है। इस मामले में करीब चार महीने तक गहन जांच और दस्तावेज़ीकरण चला, लेकिन सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस मासूम को उसका नया परिवार मिल गया। इस पूरी कहानी में सबसे भावुक करने वाला पहलू यह है कि बच्चे को गोद लेने वाली माँ खुद भी करीब 35 साल पहले कोलकाता से एक इटालियन परिवार द्वारा गोद ली गई थीं। भारत से उनका यह गहरा भावनात्मक रिश्ता ही था जिसने उन्हें यहीं से बच्चा गोद लेने के लिए प्रेरित किया और वह भी ऐसा बच्चा जिसे सबसे ज्यादा प्यार और देखभाल की दरकार थी। दंपती ने बताया कि 2017 में शादी के बाद से ही उनके मन में किसी बच्चे को गोद लेने की चाहत थी। उनके लिए बच्चे की बीमारी कभी रुकावट नहीं बनी। उनका कहना है कि वे उसे बस भरपूर प्यार देना चाहते हैं और एक ऐसा भविष्य जहां वह सुरक्षित और खुशहाल रहे। इस मासूम के आने से उनका परिवार पूरा हो गया है।
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इटालियन दंपती ने लिया गोद
यह फैसला न सिर्फ उस मासूम की ज़िंदगी बदलने वाला है बल्कि यह इंसानियत और बेशर्त मोहब्बत की एक अनमोल मिसाल भी बन गया है।यह बच्चा करीब डेढ़ साल पहले अपनी नन्ही सी उम्र में प्रीमैच्योर हालत में पालना गृह में छोड़ दिया गया था। जांच के दौरान जब उसके दिल में छेद का पता चला तो उसकी देखभाल शिशु गृह में ही शुरू की गई। इस नाज़ुक बच्चे को एक परिवार की सख्त ज़रूरत थी और आखिरकार वह ज़रूरत उस दंपती ने पूरी की जो हज़ारों मील दूर से उसके लिए चले आए।बच्चे को गोद लेने की पूरी प्रक्रिया केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के तहत संपन्न हुई।
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चार महीने तक चला दस्तावेजीकरण
शिशु गृह के सुपरिटेंडेंट अंकित कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय गोद लेने की प्रक्रिया काफी लंबी और पेचीदा होती है। इस मामले में करीब चार महीने तक गहन जांच और दस्तावेज़ीकरण चला, लेकिन सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस मासूम को उसका नया परिवार मिल गया। इस पूरी कहानी में सबसे भावुक करने वाला पहलू यह है कि बच्चे को गोद लेने वाली माँ खुद भी करीब 35 साल पहले कोलकाता से एक इटालियन परिवार द्वारा गोद ली गई थीं। भारत से उनका यह गहरा भावनात्मक रिश्ता ही था जिसने उन्हें यहीं से बच्चा गोद लेने के लिए प्रेरित किया और वह भी ऐसा बच्चा जिसे सबसे ज्यादा प्यार और देखभाल की दरकार थी। दंपती ने बताया कि 2017 में शादी के बाद से ही उनके मन में किसी बच्चे को गोद लेने की चाहत थी। उनके लिए बच्चे की बीमारी कभी रुकावट नहीं बनी। उनका कहना है कि वे उसे बस भरपूर प्यार देना चाहते हैं और एक ऐसा भविष्य जहां वह सुरक्षित और खुशहाल रहे। इस मासूम के आने से उनका परिवार पूरा हो गया है।