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राजस्थान: सात समंदर पार चमकी सूरजगढ़ की 'लाडो'; इटली फुटबॉल टीम की कमान संभालेंगी अरशाया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
Published by: झुंझुनू ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2026 10:01 AM IST
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सार
झुंझुनूं के सूरजगढ़ की बेटी अरशाया शर्मा को यूनाइटेड वर्ल्ड गेम्स फुटबॉल प्रतियोगिता में इटली की अंडर-13 टीम का कप्तान चुना गया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे शेखावाटी क्षेत्र में खुशी की लहर है। अरशाया शनिवार को ऑस्ट्रिया के खिलाफ टीम की अगुवाई करेंगी।
सूरजगढ़ की बेटी बनी इटली की अंडर 13 फुटबॉल टीम की कप्तान
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
शेखावाटी की धरती की एक और बेटी ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराकर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ की बेटी और मंड्रेला की भांजी अरशाया शर्मा को प्रतिष्ठित यूनाइटेड वर्ल्ड गेम्स फुटबॉल प्रतियोगिता में इटली की अंडर-13 फुटबॉल टीम का कप्तान चुना गया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
इटली में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अरशाया अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए शनिवार को ऑस्ट्रिया के खिलाफ मुकाबले में मैदान पर उतरेंगी। कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना उनकी प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत का परिणाम माना जा रहा है।
कप्तानी मिलने पर क्षेत्र में खुशी की लहर
अरशाया के कप्तान चुने जाने की खबर मिलते ही उनके ननिहाल मंड्रेला और पैतृक क्षेत्र सूरजगढ़ में जश्न का माहौल बन गया। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जताई। नाना डॉ. बी.के. शर्मा, मामा दीपक भारद्वाज और आकाश भारद्वाज सहित परिजनों ने अरशाया की इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य और प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन की कामना की।
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बचपन से था फुटबॉल के प्रति जुनून
अरशाया शर्मा ने कहा कि इटली अंडर-13 टीम की कप्तानी मिलना उनके जीवन का सबसे यादगार और गर्व का पल है। उन्होंने बताया कि फुटबॉल के प्रति उनका लगाव बचपन से रहा है और लगातार अभ्यास, अनुशासन तथा मेहनत की बदौलत उन्हें यह अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि कप्तान के रूप में उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है और वह पूरी निष्ठा के साथ टीम का नेतृत्व करेंगी। उन्हें विश्वास है कि उनकी टीम प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
ये भी पढ़ें- Bihar: 39 दिन में वादा पूरा! रेल मंत्री ने दिखाई छपरा-दिल्ली एक्सप्रेस को हरी झंडी; नई ट्रेनों रोडमैप भी बताया
बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
नाना डॉ. बी.के. शर्मा ने कहा कि अरशाया ने अपनी मेहनत, समर्पण और अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता ने न केवल परिवार बल्कि पूरे मंड्रेला और सूरजगढ़ क्षेत्र का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों का मानना है कि अरशाया की उपलब्धि क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उनकी सफलता से युवा पीढ़ी, विशेषकर लड़कियों में खेलों के प्रति नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा हुआ है।
इटली में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अरशाया अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए शनिवार को ऑस्ट्रिया के खिलाफ मुकाबले में मैदान पर उतरेंगी। कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना उनकी प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत का परिणाम माना जा रहा है।
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कप्तानी मिलने पर क्षेत्र में खुशी की लहर
अरशाया के कप्तान चुने जाने की खबर मिलते ही उनके ननिहाल मंड्रेला और पैतृक क्षेत्र सूरजगढ़ में जश्न का माहौल बन गया। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर खुशी जताई। नाना डॉ. बी.के. शर्मा, मामा दीपक भारद्वाज और आकाश भारद्वाज सहित परिजनों ने अरशाया की इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य और प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन की कामना की।
बचपन से था फुटबॉल के प्रति जुनून
अरशाया शर्मा ने कहा कि इटली अंडर-13 टीम की कप्तानी मिलना उनके जीवन का सबसे यादगार और गर्व का पल है। उन्होंने बताया कि फुटबॉल के प्रति उनका लगाव बचपन से रहा है और लगातार अभ्यास, अनुशासन तथा मेहनत की बदौलत उन्हें यह अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि कप्तान के रूप में उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है और वह पूरी निष्ठा के साथ टीम का नेतृत्व करेंगी। उन्हें विश्वास है कि उनकी टीम प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
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बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
नाना डॉ. बी.के. शर्मा ने कहा कि अरशाया ने अपनी मेहनत, समर्पण और अनुशासन से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता ने न केवल परिवार बल्कि पूरे मंड्रेला और सूरजगढ़ क्षेत्र का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों का मानना है कि अरशाया की उपलब्धि क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उनकी सफलता से युवा पीढ़ी, विशेषकर लड़कियों में खेलों के प्रति नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा हुआ है।