{"_id":"6a2f7d9d8007ade9e70017ca","slug":"villagers-started-a-foot-march-regarding-the-process-of-renaming-islampur-to-shrirampur-jhunjhunu-news-c-1-1-noi1552-4396129-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: इस्लामपुर या श्रीरामपुर? नाम बदलने की मांग पर विवाद, हजारों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: इस्लामपुर या श्रीरामपुर? नाम बदलने की मांग पर विवाद, हजारों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
Published by: झुंझुनू ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:48 AM IST
विज्ञापन
सार
Jhunjhunu: झुंझुनू जिले के इस्लामपुर गांव का नाम बदलकर श्रीरामपुर किए जाने की प्रक्रिया के विरोध में ग्रामीणों ने इस्लामपुर से झुंझुनूं कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला।
ग्रामीणों ने शुरू किया पैदल मार्च
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
झुंझुनू पंचायत समिति के इस्लामपुर गांव का नाम बदलकर श्रीरामपुर किए जाने की मांग और इसके लिए शुरू हुई प्रशासनिक प्रक्रिया के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया। गांव की ऐतिहासिक पहचान और विरासत को बचाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने इस्लामपुर से झुंझुनूं कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च शुरू कर दिया है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस मार्च में भाग लेते हुए नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग उठाते हुए झुंझुनूं की ओर निकल पड़े हैं।
अंबेडकर चौक से शुरू हुआ विरोध मार्च
जानकारी के अनुसार, पैदल मार्च इस्लामपुर गांव के अंबेडकर चौक से शुरू हुआ, जो समसपुर मार्ग होते हुए झुंझुनूं कलेक्ट्रेट पहुंचेगा। वहां प्रदर्शन करने के बाद ग्रामीण जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस्लामपुर नाम गांव की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और वर्षों पुरानी परंपरा से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसका नाम बदलना जनभावनाओं के खिलाफ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधायक की अनुशंसा के बाद तेज हुआ विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कुछ लोगों द्वारा इस्लामपुर का नाम बदलकर श्रीरामपुर करने का प्रस्ताव विधायक राजेंद्र भांबू को दिया गया था। विधायक द्वारा इसकी अनुशंसा किए जाने के बाद प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया। इसके बाद सरकार ने जिला प्रशासन से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। प्रशासनिक स्तर पर शुरू हुई इसी प्रक्रिया के विरोध में गांव का एक बड़ा वर्ग लगातार आंदोलन कर रहा है।
नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी दिखाई मौजूदगी
मार्च में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा, आरएलपी नेता राजेंद्र फोजी, अंजुमन-ए-पठान संस्था के सचिव इब्राहिम खान, आमिन मणियार सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। मार्च के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।
‘नाम नहीं, हमारी पहचान है’
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि किसी भी गांव का नाम केवल एक पहचान नहीं, बल्कि उसके इतिहास और सामाजिक ताने-बाने का प्रतीक होता है। ऐसे में बिना व्यापक सहमति के नाम परिवर्तन का निर्णय उचित नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस्लामपुर का नाम बदलने की प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए।
ये भी पढ़ें: क्या पंचायत चुनाव टालने तैयारी हो गई? 31 जुलाई की डेडलाइन पर BJP नेता के बयान से क्यूं मचा बवाल
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और राज्य सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। वहीं ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।