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Jhunjhunu News: 15 साल से जंजीरों में कैद मानसिक रोगी मुस्तफा, पत्नी ने साथ छोड़ा, बहन ने मांगी प्रशासन से मदद

न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं Published by: झुंझुनू ब्यूरो Updated Tue, 25 Feb 2025 08:00 PM IST
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सार

कस्बे के वार्ड 12 में 35 वर्षीय युवक मुस्तफा 15 सालों से जंजीरों में कैद है। मुस्तफा की बहन शाबिरा ने बताया कि मुस्तफा की मानसिक स्थिति सही नहीं है, जिसको घर के पास ही खेत में खेजड़ी के पेड़ से सांकल से बांधकर ताला लगा रखा है।

Jhunjhunu Mentally ill Mustafa has been chains for 15 years wife left sister sought help from administration
15 साल से जंजीरों में कैद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

झुंझुनूं जिले में कस्बे के वार्ड 12 में 35 वर्षीय युवक मुस्तफा 15 सालों से जंजीरों में कैद है। मुस्तफा की बहन शाबिरा ने बताया कि मुस्तफा की मानसिक स्थिति सही नहीं है, जिसको घर के पास ही खेत में खेजड़ी के पेड़ से सांकल से बांधकर ताला लगा रखा है। इसको खाना पानी भी यही दिया जा रहा है।

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बहन ने बताया कि अगर इसको खोल दें तो तोड़फोड़ व लोगों के साथ मारपीट करने लग जाता है, जिसके कारण इसको पिछले 15 साल से जंजीरों में कैद कर रखा है। मुस्तफा की शादी भी हुई थी, लेकिन इसकी पत्नी छोड़कर चली गई और वर्तमान में बहन शाबिरा और भांजा सोयल इसकी देखभाल करते हैं। लेकिन मुस्तफा की हालत सही नहीं होने के कारण वह खुद भी परेशान है और परिजनों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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हर समय इस पर निगरानी रखते हैं और सांकल से बांधकर ताला लगा रखा है, ताकि कहीं यह चला न जाए। परिवार के भी ऐसे हालत नहीं है कि इसका इलाज सही तरीके से करवा सके, जिसके कारण मुस्तफा पिछले 15 साल से जंजीरों में कैद होकर अपनी जिंदगी काट रहा है। मेहरादासी के पूर्व सरपंच सज्जन पूनिया ने बताया कि मुस्तफा के मां-बाप नहीं हैं और इसकी बहन ही इसकी देखभाल कर रही है।

प्रशासन को भी इस युवक का सरकारी खर्चे पर इलाज करवाना चाहिए, ताकि ठीक होकर अपनी जिंदगी सही तरीके से जी सके। पूर्व में भी एक सामाजिक संस्था द्वारा भरतपुर में इलाज किया गया था तथा ठीक भी हो गया था। लेकिन उसके बाद वापस मानसिक स्थिति खराब हो गई। अगर सही तरीके से इसका इलाज हो जाए तो वापस ठीक भी हो सकता है, ताकि जो परिजनों को परेशानी झेलनी नहीं पड़ रही है, उनको भी कुछ राहत मिले।

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