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Jodhpur News: कुड़ी भगतासनी थाना विवाद में CBI की एंट्री, पुलिसकर्मियों पर अवैध हिरासत और फुटेज मिटाने के आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: जोधपुर ब्यूरो Updated Tue, 19 May 2026 10:28 PM IST
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सार

राजस्थान हाईकोर्ट की सख्ती के बाद कुड़ी भगतासनी थाना मामला अब सीबीआई के हाथों में पहुंच गया है। पुलिसकर्मियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और फुटेज डिलीट करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
 

Jodhpur News: CBI Enters Kudi Bhagtasni Police Station Case, Cops Face Illegal Detention and CCTV Deletion Cha
दृष्टिहीन हुई एमबीबीएस छात्रा के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट का हस्तक्षे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जोधपुर के कुड़ी भगतासनी पुलिस थाने में युवतियों को कथित रूप से अवैध हिरासत में रखने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सीसीटीवी फुटेज मिटाने के गंभीर आरोपों के मामले में अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई है।



सीबीआई जोधपुर ने कुड़ी भगतासनी थाने के तत्कालीन थानाधिकारी, एक महिला उपनिरीक्षक समेत अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के लिए धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हाईकोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान पुलिस कार्रवाई में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। अदालत ने टिप्पणी की थी कि महिलाओं की गिरफ्तारी से जुड़े कानूनी प्रावधानों का खुला उल्लंघन किया गया है।
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मामले के अनुसार बिना किसी पूर्व शिकायत या एफआईआर के युवतियों को रातभर थाने में रखा गया। कोर्ट द्वारा थाने के रोजनामचा की जांच में भी कई विसंगतियां सामने आईं। आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने खुद को बचाने के लिए झूठे दस्तावेज तैयार किए और थाने के सीसीटीवी फुटेज भी जान-बूझकर डिलीट कर दिए।

दरअसल 15 जनवरी 2025 को पुलिस ने सेक्टर-9 स्थित एक मकान में चल रहे कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा था। पुलिस का दावा था कि वहां वाहन सर्विस के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की जा रही थी। इस मामले में 16 जनवरी 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी।

हालांकि युवतियों ने हाईकोर्ट में सीसीटीवी फुटेज पेश कर आरोप लगाया कि उन्हें 15 जनवरी की शाम को ही घरों से उठा लिया गया था और पूरी रात थाने में बंधक बनाकर रखा गया। हाईकोर्ट ने 8 मई को स्थानीय पुलिस जांच पर अविश्वास जताते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। अब सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक हरीश सिंह पूरे मामले की विस्तृत जांच करेंगे।

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