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Jalore:'जमीन नहीं देंगे' जालौर में उग्र हुआ आंदोलन, ग्रामीणों का आरोप- हमें डराने के लिए चलाए ट्रैक्टर-जेसीबी
Wed, 20 May 2026 10:01 AM IST
जालौर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर
Published by: जालौर ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2026 10:01 AM IST
सार
जालौर जिले के बागोड़ा क्षेत्र के दादाल गांव में इंडस्ट्रियल पार्क के लिए आवंटित जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। पिछले छह दिनों से ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को जमीन समतलीकरण के दौरान ग्रामीणों और कंपनी स्टाफ के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
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जालौर के दादाल गांव में इंडस्ट्रियल पार्क को लेकर बवाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जालौर जिले के बागोड़ा क्षेत्र के दादाल गांव में इंडस्ट्रियल पार्क के लिए आवंटित जमीन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पिछले छह दिनों से ग्रामीण भूमि आवंटन के विरोध में धरने पर बैठे हुए हैं। मंगलवार को यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब धरनार्थियों और कंपनी स्टाफ के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
आरएलपी नेता थानसिंह डोली पहुंचे धरना स्थल
मंगलवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी यानी आरएलपी के नेता थानसिंह डोली भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के समर्थन में नारेबाजी की और आंदोलन को समर्थन दिया। जानकारी के अनुसार इंडस्ट्रियल पार्क की ओर से आवंटित जमीन पर ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों के जरिए समतलीकरण का काम किया जा रहा था। इसी दौरान धरने पर बैठे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काम बंद कराने का प्रयास किया। काम रुकवाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और जेसीबी दौड़ाने का लगाया आरोप
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों को उनकी तरफ बढ़ाया गया, जिससे डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों ने जान बचाने के लिए इधर-उधर भागकर खुद को सुरक्षित किया। उनका आरोप है कि ट्रैक्टर तेज गति से दौड़ाकर उन्हें डराने का प्रयास किया गया।
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कंपनी पक्ष ने पथराव का लगाया आरोप
वहीं कंपनी प्रबंधन से जुड़े लोगों ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज किया है। कंपनी से जुड़े अशोक जैन ने बताया कि सरकार के साथ हुए एमओयू के तहत करीब एक महीने पहले 8 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजना के तहत यहां अस्पताल, सोलर फार्म, बैटरी स्टोरेज और अन्य औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जानी है। इसी प्रक्रिया के तहत जमीन समतलीकरण का काम चल रहा था। कंपनी पक्ष का आरोप है कि धरने पर मौजूद लोगों ने काम में बाधा पहुंचाई और कर्मचारियों की तरफ पथराव किया, जिससे तनाव की स्थिति पैदा हुई।
ये भी पढ़ें: Rajasthan: गुर्जर समाज की महापंचायत में बड़ा फैसला; शराब-दोडा पर बैन, शादी से लेकर मृत्युभोज तक बदले नियम
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही बागोड़ा थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने बताया कि संबंधित भूमि राजस्व विभाग द्वारा राइजिंग राजस्थान योजना के तहत मैसर्स छत्रशांति इंडस्ट्रियल पार्क, बेंगलुरु को आवंटित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जमीन न तो गोचर भूमि है और न ही आबादी क्षेत्र में आती है। मामले की जांच एसडीएम और अन्य अधिकारियों द्वारा की जा रही है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक भूमि आवंटन रद्द नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन और धरना जारी रहेगा।
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आरएलपी नेता थानसिंह डोली पहुंचे धरना स्थल
मंगलवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी यानी आरएलपी के नेता थानसिंह डोली भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के समर्थन में नारेबाजी की और आंदोलन को समर्थन दिया। जानकारी के अनुसार इंडस्ट्रियल पार्क की ओर से आवंटित जमीन पर ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों के जरिए समतलीकरण का काम किया जा रहा था। इसी दौरान धरने पर बैठे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काम बंद कराने का प्रयास किया। काम रुकवाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
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ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और जेसीबी दौड़ाने का लगाया आरोप
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों को उनकी तरफ बढ़ाया गया, जिससे डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि महिलाओं और बच्चों ने जान बचाने के लिए इधर-उधर भागकर खुद को सुरक्षित किया। उनका आरोप है कि ट्रैक्टर तेज गति से दौड़ाकर उन्हें डराने का प्रयास किया गया।
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कंपनी पक्ष ने पथराव का लगाया आरोप
वहीं कंपनी प्रबंधन से जुड़े लोगों ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज किया है। कंपनी से जुड़े अशोक जैन ने बताया कि सरकार के साथ हुए एमओयू के तहत करीब एक महीने पहले 8 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजना के तहत यहां अस्पताल, सोलर फार्म, बैटरी स्टोरेज और अन्य औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जानी है। इसी प्रक्रिया के तहत जमीन समतलीकरण का काम चल रहा था। कंपनी पक्ष का आरोप है कि धरने पर मौजूद लोगों ने काम में बाधा पहुंचाई और कर्मचारियों की तरफ पथराव किया, जिससे तनाव की स्थिति पैदा हुई।
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पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही बागोड़ा थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने बताया कि संबंधित भूमि राजस्व विभाग द्वारा राइजिंग राजस्थान योजना के तहत मैसर्स छत्रशांति इंडस्ट्रियल पार्क, बेंगलुरु को आवंटित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जमीन न तो गोचर भूमि है और न ही आबादी क्षेत्र में आती है। मामले की जांच एसडीएम और अन्य अधिकारियों द्वारा की जा रही है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक भूमि आवंटन रद्द नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन और धरना जारी रहेगा।