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Jodhpur: कोटा-बीकानेर के बाद अब जोधपुर में बिगड़ी प्रसूताओं की तबीयत, हाल जानने पहुंचीं प्रमुख शासन सचिव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: जोधपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2026 04:41 PM IST
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सार
पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं के बीमार पड़ने के मामले में राज्य सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जोधपुर पहुंचकर अस्पतालों का निरीक्षण किया।
पावटा जिला अस्पताल में सी सेक्शन के बाद बिगड़ी प्रसूताओं की तबीयत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद कुछ प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले की राज्य सरकार लगातार निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ सोमवार देर रात जोधपुर पहुंचीं और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्रमुख शासन सचिव ने सबसे पहले एम्स जोधपुर पहुंचकर भर्ती दोनों प्रसूताओं के स्वास्थ्य और उपचार की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार प्रक्रिया, चिकित्सा प्रबंधन और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
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इसके बाद गायत्री राठौड़ पावटा जिला अस्पताल पहुंचीं, जहां भर्ती छह प्रसूताओं से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों की फाइलों, जांच रिपोर्टों और उपचार प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए चिकित्सकीय प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा की।
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उन्होंने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों को निर्देश दिए कि सभी मरीजों की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। साथ ही उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश भी दिए।
प्रमुख शासन सचिव ने प्रसूताओं के परिजनों से भी मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पूरे मामले पर संवेदनशीलता के साथ नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी और उन्हें सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट आलोक रंजन, डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. बी.एस. जोधा सहित चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गायत्री राठौड़ ने बताया कि संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक भी आयोजित की जा रही है, जिसमें उपचार, जांच की प्रगति, चिकित्सा प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण उपचार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।