{"_id":"6a729e3fcdf2c8b80f09fb0f","slug":"rafale-and-sukhoi-power-shift-6-nations-join-iaf-mega-air-exercise-near-pakistan-border-in-jodhpur-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"IAF की 'मास्टरक्लास': राफेल और सुखोई की ताकत देखने जोधपुर आ रहे आधा दर्जन देश, पाक सीमा पर होगा महा-अभ्यास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
IAF की 'मास्टरक्लास': राफेल और सुखोई की ताकत देखने जोधपुर आ रहे आधा दर्जन देश, पाक सीमा पर होगा महा-अभ्यास
Wed, 05 Aug 2026 07:51 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Wed, 05 Aug 2026 07:51 AM IST
सार
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय वायुसेना की रणनीतिक क्षमता से प्रभावित होकर कई मित्र देश संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए आगे आए हैं। ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, जापान और सितंबर में होने वाले 'तरंग शक्ति 2026' तक IAF का अंतरराष्ट्रीय अभ्यास कार्यक्रम लगातार व्यस्त रहेगा।
विज्ञापन
जोधपुर में चलेगा वायुसेना का महाअभ्यास
- फोटो : Amar Ujala/IANS
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारतीय वायुसेना (IAF) की सटीक युद्ध क्षमता और आधुनिक रणनीति ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों पर बिना किसी कोलेटरल डैमेज के की गई सटीक कार्रवाई के बाद कई मित्र देशों की वायुसेनाओं ने भारतीय वायुसेना के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास में रुचि दिखाई है। यही कारण है कि अगले दो महीनों तक भारतीय वायुसेना का अंतरराष्ट्रीय अभ्यास कार्यक्रम पूरी तरह व्यस्त रहने वाला है।
ऑस्ट्रेलिया में 'पिच ब्लैक' अभ्यास में हिस्सा ले रही IAF
भारतीय वायुसेना इस समय ऑस्ट्रेलिया में आयोजित बहुराष्ट्रीय वायु सैन्य अभ्यास 'पिच ब्लैक' में भाग ले रही है। इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के चार राफेल लड़ाकू विमान, दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमान और 100 से अधिक वायुसैनिक शामिल हैं। 20 जुलाई से शुरू हुआ यह अभ्यास 7 अगस्त तक चलेगा, जिसमें 19 देशों की वायुसेनाएं हिस्सा ले रही हैं।
अगला पड़ाव होगा मलेशिया
ऑस्ट्रेलिया में अभ्यास समाप्त होने के बाद भारतीय वायुसेना का दल अगस्त के पहले सप्ताह में रॉयल मलेशियन एयर फोर्स के साथ संयुक्त अभ्यास 'उदारा शक्ति' में भाग लेगा। करीब एक सप्ताह तक चलने वाले इस अभ्यास में दोनों देशों की वायुसेनाएं अपने ऑपरेशनल अनुभव और युद्ध कौशल साझा करेंगी। इस दौरान भारतीय राफेल और मलेशियाई सुखोई लड़ाकू विमान संयुक्त उड़ान भरेंगे।
विज्ञापन
सितंबर में जापान के साथ 'वीर गार्जियन'
इसके बाद भारतीय वायुसेना जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के साथ द्विपक्षीय अभ्यास 'वीर गार्जियन' में हिस्सा लेगी। यह अभ्यास 12 से 23 सितंबर तक राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर आयोजित किया जाएगा। इसमें भारतीय वायुसेना के सुखोई एसयू-30 एमकेआई और जापान के एफ-2 लड़ाकू विमान संयुक्त अभियान का अभ्यास करेंगे। भारत और जापान के बीच इस अभ्यास का पहला संस्करण वर्ष 2023 में जापान के हयाकुरी एयरबेस पर आयोजित किया गया था। उस समय भारतीय वायुसेना ने सुखोई एसयू-30 एमकेआई, सी-17 और आईएल-78 मिड-एयर रीफ्यूलर विमान भेजे थे, जबकि जापान की ओर से एफ-2 और एफ-15 लड़ाकू विमान शामिल हुए थे। दोनों देशों के बीच इस संयुक्त अभ्यास की शुरुआत का निर्णय वर्ष 2022 में टोक्यो में आयोजित '2+2 संवाद' के दौरान लिया गया था।
'तरंग शक्ति 2026' की मेजबानी करेगा जोधपुर
'वीर गार्जियन' के बाद राजस्थान का जोधपुर एयरबेस वर्ष 2026 के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय वायु सैन्य अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' की मेजबानी करेगा। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, भारत ने कई मित्र देशों को इस अभ्यास में भाग लेने का निमंत्रण भेजा है। आधा दर्जन से अधिक देशों ने अपने लड़ाकू विमानों के साथ भागीदारी की सहमति दे दी है, जबकि कई अन्य देश पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) के रूप में शामिल होंगे। यह अभ्यास 26 सितंबर से शुरू होकर करीब दो सप्ताह तक चलेगा। पाकिस्तान सीमा के नजदीक आयोजित होने वाले इस अभ्यास में विभिन्न देशों की वायुसेनाएं भारतीय वायुसेना के साथ आधुनिक हवाई युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगी।
ये भी पढ़ें- मानगढ़ धाम: केंद्र के फैसले से सियासी संग्राम, गहलोत ने याद दिलाया PM मोदी का वादा, क्या बोले रोत?
2024 में हुई थी 'तरंग शक्ति' की शुरुआत
भारतीय वायुसेना ने वर्ष 2024 में पहली बार 'तरंग शक्ति' अभ्यास का आयोजन किया था। इसका पहला चरण तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस और दूसरा चरण राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर आयोजित हुआ था। सुलूर चरण में फ्रांस के राफेल, जर्मनी, स्पेन और ब्रिटेन के यूरोफाइटर टाइफून लड़ाकू विमान शामिल हुए थे। वहीं भारतीय वायुसेना ने राफेल, सुखोई, मिराज-2000, जैगुआर, तेजस, मिग-29 और प्रचंड जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म की क्षमता का प्रदर्शन किया था। दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया का ईए-18जी ग्रोलर, ग्रीस और संयुक्त अरब अमीरात के एफ-16, अमेरिका के ए-10 और एफ-16 सहित कुल 27 लड़ाकू विमान शामिल हुए थे। इसके अलावा एयर-टू-एयर रीफ्यूलर, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AEW&C) और स्पेशल फोर्स एयरक्राफ्ट भी अभ्यास का हिस्सा बने थे।
तेजस में साथ उड़े थे तीनों सेनाओं के वाइस चीफ
'तरंग शक्ति 2024' के दौरान पहली बार भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के तीनों वाइस चीफ ने एक साथ स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। उस समय वायुसेना के उप प्रमुख रहे एयर मार्शल एपी सिंह ने इस विशेष फॉर्मेशन का नेतृत्व किया था। इसके अलावा फ्रांस और जर्मनी के वायुसेना प्रमुखों ने भी तेजस में उड़ान भरी, जबकि स्पेन के वायुसेना प्रमुख ने सुखोई एसयू-30 एमकेआई में उड़ान भरकर अभ्यास में हिस्सा लिया था।
विज्ञापन
ऑस्ट्रेलिया में 'पिच ब्लैक' अभ्यास में हिस्सा ले रही IAF
भारतीय वायुसेना इस समय ऑस्ट्रेलिया में आयोजित बहुराष्ट्रीय वायु सैन्य अभ्यास 'पिच ब्लैक' में भाग ले रही है। इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के चार राफेल लड़ाकू विमान, दो सी-17 ग्लोबमास्टर विमान और 100 से अधिक वायुसैनिक शामिल हैं। 20 जुलाई से शुरू हुआ यह अभ्यास 7 अगस्त तक चलेगा, जिसमें 19 देशों की वायुसेनाएं हिस्सा ले रही हैं।
विज्ञापन
अगला पड़ाव होगा मलेशिया
ऑस्ट्रेलिया में अभ्यास समाप्त होने के बाद भारतीय वायुसेना का दल अगस्त के पहले सप्ताह में रॉयल मलेशियन एयर फोर्स के साथ संयुक्त अभ्यास 'उदारा शक्ति' में भाग लेगा। करीब एक सप्ताह तक चलने वाले इस अभ्यास में दोनों देशों की वायुसेनाएं अपने ऑपरेशनल अनुभव और युद्ध कौशल साझा करेंगी। इस दौरान भारतीय राफेल और मलेशियाई सुखोई लड़ाकू विमान संयुक्त उड़ान भरेंगे।
विज्ञापन
सितंबर में जापान के साथ 'वीर गार्जियन'
इसके बाद भारतीय वायुसेना जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के साथ द्विपक्षीय अभ्यास 'वीर गार्जियन' में हिस्सा लेगी। यह अभ्यास 12 से 23 सितंबर तक राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर आयोजित किया जाएगा। इसमें भारतीय वायुसेना के सुखोई एसयू-30 एमकेआई और जापान के एफ-2 लड़ाकू विमान संयुक्त अभियान का अभ्यास करेंगे। भारत और जापान के बीच इस अभ्यास का पहला संस्करण वर्ष 2023 में जापान के हयाकुरी एयरबेस पर आयोजित किया गया था। उस समय भारतीय वायुसेना ने सुखोई एसयू-30 एमकेआई, सी-17 और आईएल-78 मिड-एयर रीफ्यूलर विमान भेजे थे, जबकि जापान की ओर से एफ-2 और एफ-15 लड़ाकू विमान शामिल हुए थे। दोनों देशों के बीच इस संयुक्त अभ्यास की शुरुआत का निर्णय वर्ष 2022 में टोक्यो में आयोजित '2+2 संवाद' के दौरान लिया गया था।
'तरंग शक्ति 2026' की मेजबानी करेगा जोधपुर
'वीर गार्जियन' के बाद राजस्थान का जोधपुर एयरबेस वर्ष 2026 के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय वायु सैन्य अभ्यास 'तरंग शक्ति 2026' की मेजबानी करेगा। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, भारत ने कई मित्र देशों को इस अभ्यास में भाग लेने का निमंत्रण भेजा है। आधा दर्जन से अधिक देशों ने अपने लड़ाकू विमानों के साथ भागीदारी की सहमति दे दी है, जबकि कई अन्य देश पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) के रूप में शामिल होंगे। यह अभ्यास 26 सितंबर से शुरू होकर करीब दो सप्ताह तक चलेगा। पाकिस्तान सीमा के नजदीक आयोजित होने वाले इस अभ्यास में विभिन्न देशों की वायुसेनाएं भारतीय वायुसेना के साथ आधुनिक हवाई युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगी।
ये भी पढ़ें- मानगढ़ धाम: केंद्र के फैसले से सियासी संग्राम, गहलोत ने याद दिलाया PM मोदी का वादा, क्या बोले रोत?
2024 में हुई थी 'तरंग शक्ति' की शुरुआत
भारतीय वायुसेना ने वर्ष 2024 में पहली बार 'तरंग शक्ति' अभ्यास का आयोजन किया था। इसका पहला चरण तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस और दूसरा चरण राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर आयोजित हुआ था। सुलूर चरण में फ्रांस के राफेल, जर्मनी, स्पेन और ब्रिटेन के यूरोफाइटर टाइफून लड़ाकू विमान शामिल हुए थे। वहीं भारतीय वायुसेना ने राफेल, सुखोई, मिराज-2000, जैगुआर, तेजस, मिग-29 और प्रचंड जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म की क्षमता का प्रदर्शन किया था। दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया का ईए-18जी ग्रोलर, ग्रीस और संयुक्त अरब अमीरात के एफ-16, अमेरिका के ए-10 और एफ-16 सहित कुल 27 लड़ाकू विमान शामिल हुए थे। इसके अलावा एयर-टू-एयर रीफ्यूलर, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AEW&C) और स्पेशल फोर्स एयरक्राफ्ट भी अभ्यास का हिस्सा बने थे।
तेजस में साथ उड़े थे तीनों सेनाओं के वाइस चीफ
'तरंग शक्ति 2024' के दौरान पहली बार भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के तीनों वाइस चीफ ने एक साथ स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। उस समय वायुसेना के उप प्रमुख रहे एयर मार्शल एपी सिंह ने इस विशेष फॉर्मेशन का नेतृत्व किया था। इसके अलावा फ्रांस और जर्मनी के वायुसेना प्रमुखों ने भी तेजस में उड़ान भरी, जबकि स्पेन के वायुसेना प्रमुख ने सुखोई एसयू-30 एमकेआई में उड़ान भरकर अभ्यास में हिस्सा लिया था।