सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Karauli News ›   Karauli News: Panchana Dam Dispute: Efforts to Release Water into Canals Intensify Following High Court Order

पांचना बांध विवाद फिर गरमाया: अदालत के आदेश के बाद नहरों में पानी छोड़ने की कवायद तेज, जमीन पर टकराव की स्थिति

न्यूज डेस्क,अमर उजाला, करौली Published by: करौली ब्यूरो Updated Sun, 03 May 2026 09:58 PM IST
विज्ञापन
सार

Karauli News: करौली के पांचना बांध पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद नहरों में पानी छोड़ने की तैयारी तेज हुई है। प्रभावित 39 गांवों और कमांड एरिया किसानों के बीच विवाद गहराया है, जिससे प्रशासन के सामने सामाजिक संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है।

Karauli News: Panchana Dam Dispute: Efforts to Release Water into Canals Intensify Following High Court Order
पांचना बांध विवाद फिर गरमाया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

करौली जिले का पांचना बांध एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। राजस्थान हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद नहरों में पानी छोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। हालांकि प्रशासन अलर्ट मोड पर है, लेकिन जमीनी स्तर पर पुराने सामाजिक और क्षेत्रीय विवाद के कारण टकराव की स्थिति बनी हुई है।

Trending Videos

 
अल्टीमेटम के बाद प्रशासन पर दबाव
हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया था कि 1 मई तक हर हाल में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ा जाए। आदेश की अवहेलना पर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बाद विभाग ने तेजी से काम शुरू किया और नहरों की सफाई, मरम्मत और निगरानी के लिए कई अभियंताओं की तैनाती की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन



 
अधिकारियों का दौरा और तैयारियों का जायजा
एडिशनल चीफ इंजीनियर सुरेशचंद ने नहरी क्षेत्र का दौरा कर तैयारियों का निरीक्षण किया। विभागीय निर्देशों के अनुसार अलग-अलग खंडों में अभियंताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि पानी छोड़ने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए और काम समय पर पूरा हो सके।
 
दो दशक से सूखी नहरों में जगी उम्मीद
पांचना बांध का निर्माण करौली और सवाई माधोपुर के 35 गांवों की लगभग 9,985 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के उद्देश्य से किया गया था। लेकिन वर्ष 2005 के बाद से नहरों में पानी नहीं पहुंच पाया। अब कोर्ट के आदेश के बाद कमांड एरिया के किसानों में उम्मीद जगी है कि उन्हें इस बार सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा।
 
प्रभावित गांव और किसानों के बीच हक की जंग
विवाद की जड़ में बांध से प्रभावित 39 गांव और कमांड एरिया के किसान हैं। प्रभावित गांवों का कहना है कि उनकी जमीन डूब क्षेत्र में गई है, इसलिए पानी पर पहला अधिकार उनका है। वहीं कमांड एरिया के किसान वर्षों से पानी का इंतजार कर रहे हैं और नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं।
 
सामाजिक और राजनीतिक पहलू भी उभरे
यह विवाद केवल पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे सामाजिक और राजनीतिक कारण भी जुड़े हुए हैं। गुर्जर और मीणा समुदायों के बीच पहले से चली आ रही खाई इस मुद्दे को और जटिल बना रही है। पूर्व में हुए आंदोलन और टकराव की घटनाएं आज भी लोगों के मन में बनी हुई हैं, जो ऐसे मामलों में फिर सामने आ जाती हैं।

पढ़ें- नागौर में हिंसक झड़प: दो महीने पहले की कहासुनी से भड़का विवाद, कैम्पर-ट्रैक्टर से किए हमले; पथराव में सात घायल
 
पुराने फैसलों पर उठ रहे सवाल
2008 से 2013 के बीच लिए गए निर्णय भी विवाद का कारण बने हुए हैं। आरोप है कि 39 गांवों की योजना को घटाकर केवल 13 गांवों तक सीमित कर दिया गया, जिससे असंतोष और गहरा गया। स्थानीय लोग इसे राजनीतिक हस्तक्षेप का परिणाम मानते हैं।
 
पांचना संघर्ष समिति के सदस्य अशोक सिंह धाबाई ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश किसानों के लिए न्याय की दिशा में अहम कदम है। उनका कहना है कि प्रभावित 39 गांवों को प्राथमिकता के आधार पर पानी दिया जाना चाहिए। साथ ही चंबल नदी से पानी लाने की योजना को आगे बढ़ाने की मांग भी की गई है।
 
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की चुनौती
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल तैनात करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पानी वितरण की प्रक्रिया के साथ सामाजिक संतुलन भी बनाए रखा जाए।
 
पांचना बांध का मुद्दा अब “पहले हक” और “सिंचाई अधिकार” के बीच संघर्ष का रूप ले चुका है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रक्रिया जरूर तेज हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि मामला समाधान की ओर बढ़ेगा या टकराव और गहराएगा।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed