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'किसानों की अनदेखी की तो भेज दूंगी बाड़मेर': अधिकारियों पर फूटा विधायक का गुस्सा; सिंचाई विभाग को लगाई फटकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 09:22 PM IST
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सार
कोटा के लाडपुरा क्षेत्र में लिफ्ट परियोजनाओं को लेकर किसानों की शिकायतों पर विधायक कल्पना देवी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों की समस्याएं नहीं सुलझीं तो संबंधित अधिकारियों का तबादला बाड़मेर तक कराया जा सकता है।
अधिकारियों की लापरवाही पर विधायक ने लगाई लताड़
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
कोटा के लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई परियोजनाओं को लेकर किसानों की शिकायतों के बाद विधायक कल्पना देवी ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। किसानों के बीच आयोजित बैठक में विधायक ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों का तबादला बाड़मेर करवाना पड़ेगा।
परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये मंजूर किए
मामला राज्य बजट में स्वीकृत बालापुरा और किशनपुरा लिफ्ट परियोजनाओं से जुड़ा है। इन परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये मंजूर किए गए हैं, जिनके तहत सोलर सिस्टम और पाइपलाइन वितरण का कार्य प्रस्तावित है। किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने उनकी राय लिए बिना ही परियोजनाओं की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर दी, जिससे वास्तविक जरूरतों को नजरअंदाज कर दिया गया।
अधिकारियों को बुलाकर किसानों के साथ बैठक करवाई
ग्रामीणों और किसानों की शिकायत मिलने पर विधायक कल्पना देवी मौके पर पहुंचीं और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बुलाकर किसानों के साथ बैठक करवाई। बैठक के दौरान किसानों ने परियोजनाओं को लेकर अपनी आपत्तियां और समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
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विभागीय स्तर पर हुई लापरवाही
किसानों की नाराजगी सुनने के बाद विधायक ने अधिकारियों से कहा कि यदि किसान असंतुष्ट हैं तो इसका मतलब विभागीय स्तर पर कहीं न कहीं गंभीर लापरवाही हुई है। उन्होंने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को अनदेखा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों से जवाब-तलब किया
बैठक के दौरान विधायक ने विभागीय अधिकारियों से जवाब-तलब किया और किसानों की बात गंभीरता से सुनने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाएं किसानों के हित में बनाई जाती हैं, इसलिए उनकी राय और जरूरतों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
ये भी पढ़ें- आसमान से बरसे पत्थर जैसे ओले: नागौर में कुदरत का रौद्र रूप, भीषण गर्मी के बीच लोगों को मिली राहत
किसानों का कहना है कि परियोजनाओं की जानकारी तक उन्हें समय पर नहीं दी गई और डीपीआर भी बिना पर्याप्त संवाद के तैयार कर ली गई। विधायक के हस्तक्षेप के बाद अब विभागीय अधिकारियों और किसानों के बीच विस्तृत चर्चा कर योजनाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये मंजूर किए
मामला राज्य बजट में स्वीकृत बालापुरा और किशनपुरा लिफ्ट परियोजनाओं से जुड़ा है। इन परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपये मंजूर किए गए हैं, जिनके तहत सोलर सिस्टम और पाइपलाइन वितरण का कार्य प्रस्तावित है। किसानों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने उनकी राय लिए बिना ही परियोजनाओं की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर दी, जिससे वास्तविक जरूरतों को नजरअंदाज कर दिया गया।
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अधिकारियों को बुलाकर किसानों के साथ बैठक करवाई
ग्रामीणों और किसानों की शिकायत मिलने पर विधायक कल्पना देवी मौके पर पहुंचीं और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बुलाकर किसानों के साथ बैठक करवाई। बैठक के दौरान किसानों ने परियोजनाओं को लेकर अपनी आपत्तियां और समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
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किसानों की नाराजगी सुनने के बाद विधायक ने अधिकारियों से कहा कि यदि किसान असंतुष्ट हैं तो इसका मतलब विभागीय स्तर पर कहीं न कहीं गंभीर लापरवाही हुई है। उन्होंने अधिकारियों को चेताते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को अनदेखा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों से जवाब-तलब किया
बैठक के दौरान विधायक ने विभागीय अधिकारियों से जवाब-तलब किया और किसानों की बात गंभीरता से सुनने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाएं किसानों के हित में बनाई जाती हैं, इसलिए उनकी राय और जरूरतों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
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किसानों का कहना है कि परियोजनाओं की जानकारी तक उन्हें समय पर नहीं दी गई और डीपीआर भी बिना पर्याप्त संवाद के तैयार कर ली गई। विधायक के हस्तक्षेप के बाद अब विभागीय अधिकारियों और किसानों के बीच विस्तृत चर्चा कर योजनाओं को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संशोधित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।