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Kota News: महंत हत्याकांड में तीन और आरोपियों पर कसा शिकंजा, गोवा भाग रहे थे बदमाश, कोटा ला रही पुलिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2026 10:46 AM IST
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सार
चन्द्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज हत्याकांड की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के अनुसार करोड़ों रुपये की मठ संपत्ति के लालच में रची गई साजिश में अब मुख्य आरोपी आदित्य वर्मा, उसकी पत्नी और एक अन्य आरोपी को भी डिटेन किया गया है।
महंत की हत्या के आरोपियों ने खोले राज
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विस्तार
राजस्थान के कोटा जिले में चन्द्रेसल मठ के महंत की निर्मम हत्या के बाद गिरफ्तार हुए मुख्य साजिशकर्ता अधिवक्ता संतोष राय और एक बदमाश पुष्पेंद्र उर्फ प्रिंस से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। वहीं इस हत्याकांड में शामिल अंकित बैरवा, मुख्य आरोपी आदित्य वर्मा और उसकी पत्नी जैक्सन जॉर्ज को पुलिस ने डिटेन कर लिया है। जिनको कोटा पुलिस आज कोटा लेकर पहुंचेगी। आदित्य की पत्नी पर सबूत मिटाने के आरोप लगे हैं। इसलिए पुलिस ने उसे भी आरोपी बनाया है। वही इस पूरे हत्याकांड के पीछे मठ की करोड़ों रुपए की संपत्ति और जमीन बताई गई है।
शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि मुख्य साजिशकर्ता वकील संतोष राय ने ही पूरी हत्याकांड की स्क्रिप्ट तैयार की थी। वकील नई कार्यकारिणी बनने से नाराज था। ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर पहले ही उसके मन में लालच आ गया था। इसलिए उसने अपने एक क्लाइंट आदित्य वर्मा के साथ मिलकर पूरी हत्या की साजिश रच डाली। अधिवक्ता बहुत ही शातिर व्यक्ति है। उसने एक ऐसे व्यक्ति को तलाश लिया था जिस पर पुलिस का शक ना जा पाए। इसके बाद उसने एक लाख की सुपारी देकर महंत देवानंद महाराज की हत्या करवा दी। वहीं पुलिस का कहना है कि चाकू के वार करने के तरीके से पुलिस को लोकल एंगल मिला था। जिसके बाद पुलिस इन आरोपियों तक पहुंच पाई।
ये भी पढ़ें: महंत मर्डर केस: करोड़ों की संपत्ति के लिए गुरु की हत्या! मुख्य साजिशकर्ता एडवोकेट समेत दो आरोपी हिरासत में
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वारदात के पहले वकील हो गया अस्पताल में भर्ती
एसपी ने बताया कि वारदात के पहले मुख्य साजिशकार्य ने आदित्य और अन्य बदमाशों को चन्द्रेसल मठ की पूरी तरह से रैकी करवाई थी और वारदात की तारीख भी घोषित कर दी। जिसके दो दिन पहले ही वकील अपनी सर्जरी का झूठा बहाना बनाकर जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती हो गया ताकि उस पर किसी का शक ना जाए। वही वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश जयपुर वकील के पास चले गए और अपना-अपना हिस्सा ले लिया। इसी बीच पुष्पेंद्र 30 हज़ार रूपये लेकर कोटा वापस आ गया।
आदित्य की पत्नी ने मिटाए सबूत, गोवा जाने की थी तैयारी
पुलिस ने बताया कि बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से सीधे आरके पुरम स्थित आदित्य के घर पहुंचे। जहां पर आदित्य की पत्नी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद उसने सभी आरोपियों के कपड़े वाशिंग मशीन में धोए और सारे सबूत मिटाने के प्रयास किया। वहीं सभी आरोपी आदित्य की बुआ के लड़के अंकित बैरवा के घर जाकर सो गए और वहां से फिर जयपुर चले गए। इसके बाद सभी आरोपी जयपुर से दिल्ली पहुंचे और वहां से संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन से गोवा के लिए रवाना हो गए। हालांकि पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस की मदद से इन्हें गोवा पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया। जिनको कोटा पुलिस कोटा लेकर आ रही है।
शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि मुख्य साजिशकर्ता वकील संतोष राय ने ही पूरी हत्याकांड की स्क्रिप्ट तैयार की थी। वकील नई कार्यकारिणी बनने से नाराज था। ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर पहले ही उसके मन में लालच आ गया था। इसलिए उसने अपने एक क्लाइंट आदित्य वर्मा के साथ मिलकर पूरी हत्या की साजिश रच डाली। अधिवक्ता बहुत ही शातिर व्यक्ति है। उसने एक ऐसे व्यक्ति को तलाश लिया था जिस पर पुलिस का शक ना जा पाए। इसके बाद उसने एक लाख की सुपारी देकर महंत देवानंद महाराज की हत्या करवा दी। वहीं पुलिस का कहना है कि चाकू के वार करने के तरीके से पुलिस को लोकल एंगल मिला था। जिसके बाद पुलिस इन आरोपियों तक पहुंच पाई।
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वारदात के पहले वकील हो गया अस्पताल में भर्ती
एसपी ने बताया कि वारदात के पहले मुख्य साजिशकार्य ने आदित्य और अन्य बदमाशों को चन्द्रेसल मठ की पूरी तरह से रैकी करवाई थी और वारदात की तारीख भी घोषित कर दी। जिसके दो दिन पहले ही वकील अपनी सर्जरी का झूठा बहाना बनाकर जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती हो गया ताकि उस पर किसी का शक ना जाए। वही वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश जयपुर वकील के पास चले गए और अपना-अपना हिस्सा ले लिया। इसी बीच पुष्पेंद्र 30 हज़ार रूपये लेकर कोटा वापस आ गया।
आदित्य की पत्नी ने मिटाए सबूत, गोवा जाने की थी तैयारी
पुलिस ने बताया कि बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से सीधे आरके पुरम स्थित आदित्य के घर पहुंचे। जहां पर आदित्य की पत्नी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद उसने सभी आरोपियों के कपड़े वाशिंग मशीन में धोए और सारे सबूत मिटाने के प्रयास किया। वहीं सभी आरोपी आदित्य की बुआ के लड़के अंकित बैरवा के घर जाकर सो गए और वहां से फिर जयपुर चले गए। इसके बाद सभी आरोपी जयपुर से दिल्ली पहुंचे और वहां से संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन से गोवा के लिए रवाना हो गए। हालांकि पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस की मदद से इन्हें गोवा पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया। जिनको कोटा पुलिस कोटा लेकर आ रही है।