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महंत मर्डर केस: करोड़ों की संपत्ति के लिए गुरु की हत्या! मुख्य साजिशकर्ता एडवोकेट समेत दो आरोपी हिरासत में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: कोटा ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 08:48 PM IST
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सार
महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य साजिशकर्ता और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में हत्या के पीछे मठ की करोड़ों रुपये की संपत्ति और जमीन का विवाद सामने आया है।
पुलिस हिरासत में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले में चंद्रेशल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बहुचर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस में एक आरोपी बदमाश और मुख्य साजिशकर्ता अधिवक्ता को गिरफ्तार किया है, जबकि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि 5 जून की रात चंद्रेशल मठ के महंत देवानंद महाराज की चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, तीन डीएसपी, सात थाना प्रभारियों सहित करीब 100 पुलिसकर्मियों की विशेष टीम गठित की गई। लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
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मठ की संपत्ति और करोड़ों की रकम बनी हत्या की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या के पीछे मठ की कीमती जमीन और खातों में जमा चार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रमुख कारण थी। पुलिस के अनुसार मुख्य साजिशकर्ता अधिवक्ता संतोष कुमार आर्य ने कथित रूप से विरोधी गुट से जुड़े होने का दावा करते हुए इस पूरी वारदात की योजना बनाई।
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वारदात से पहले करवाई थी रेकी
पुलिस जांच में सामने आया कि संतोष कुमार आर्य ने हत्या से पहले बदमाशों से चंद्रेशल मठ की रेकी करवाई थी। उन्हें मठ तक आने-जाने के रास्तों और महंत की दिनचर्या की जानकारी दी गई। इसके बाद आरोपी आदित्य वर्मा को हत्या के लिए एक लाख रुपये देने का कथित वादा किया गया।
रात में मठ पहुंचकर की हत्या
पुलिस के अनुसार वारदात की रात आदित्य वर्मा अपने साथियों अंकित बैरवा, पुष्पेंद्र सिंह और एक अन्य आरोपी के साथ दो मोटरसाइकिलों से मठ पहुंचा। आरोपियों ने पहले मठ में मौजूद नंदनवन महाराज के कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी, ताकि वे बाहर न आ सकें। इसके बाद वे महंत देवानंद महाराज के कमरे में घुसे और उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर हत्या कर दी।
प्रेम विवाह के जरिए बनी थी पहचान
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी आदित्य वर्मा का प्रेम विवाह संतोष कुमार आर्य ने करवाया था। इसी कारण आदित्य उस पर भरोसा करता था। पुलिस का कहना है कि संतोष ने मठ से जुड़ी जानकारियां देकर और आर्थिक लाभ का लालच देकर आदित्य को इस साजिश में शामिल किया।
महिला की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस ने बताया कि मामले में एक महिला की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि उसने वारदात के बाद साक्ष्य मिटाने में आरोपियों की मदद की। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी। साथ ही हत्या की साजिश और उससे जुड़े आर्थिक पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।