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देख लो सरकार: पहली बारिश में ही 1100 करोड़ की मुकुंदरा टनल में भरा पानी, NHAI की तैयारियों पर उठे सवाल

Tue, 11 Aug 2026 06:52 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: कोटा ब्यूरो Updated Tue, 11 Aug 2026 06:52 PM IST
सार

कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की करीब 1100 करोड़ की मुकुंदरा टनल में पहली बारिश में पहाड़ों से पानी रिसकर भर गया। पंपों की क्षमता कम होने से कई वाहन प्रभावित हुए। घटना के बाद NHAI की तैयारियों और ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल उठे।

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The first rain after the tunnel was built spoiled the game, raising many questions on NHAI.
टनल के अंदर जमा हुआ बारिश का पानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर करीब 1100 करोड़ रुपये की लागत से बनी मुकुंदरा टनल पहली बारिश में ही अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ती नजर आई। टनल में पहाड़ों से जगह-जगह पानी रिसकर अंदर भर गया। इससे टनल से गुजरने वाले कई वाहनों के टायर पानी में डूब गए। घटना के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की व्यवस्थाओं और टनल की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

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जानकारों के मुताबिक, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बनी यह टनल सुरक्षा के लिहाज से देश की सबसे आधुनिक टनल में शामिल है। हालांकि, यातायात शुरू होने के बाद पहली बारिश में ही टनल में पानी भरने की स्थिति सामने आने से इसकी तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।

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NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल ने बताया कि इस क्षेत्र में अचानक काफी तेज बारिश हुई, जिसके कारण पहाड़ों से पानी टनल के अंदर आ गया। टनल में पानी निकालने के लिए लगाए गए पंपों की क्षमता कम थी, जिसके चलते वे पानी को तेजी से बाहर नहीं निकाल सके। अब पंपों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

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संदीप अग्रवाल के मुताबिक, बारिश के बाद टनल में सीपेज के कारण पानी अंदर आया। पानी का इनफ्लो अधिक होने के कारण आउटफ्लो कम रहा। इस समस्या को भी दूर किया जा रहा है। वहीं, जानकारों का कहना है कि टनल के समय पर तैयार नहीं होने की एक बड़ी वजह ड्रेनेज सिस्टम भी रहा है। अगर टनल समय पर पूरी हो जाती तो पिछली बारिश में इसके ट्रायल के दौरान ही ड्रेनेज सिस्टम की खामियों का पता चल सकता था और उन्हें दूर किया जा सकता था।

दरअसल, दरा नाल में लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर इस टनल के निर्माण का काम साल 2021 में शुरू हुआ था। करीब 1100 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस टनल की लंबाई 4.5 किलोमीटर से अधिक और चौड़ाई 22 मीटर है। टनल के अप और डाउन हिस्सों को बीच-बीच में आपस में जोड़ा गया है, ताकि आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और टनल के अंदर यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

हाल ही में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और NHAI के अधिकारियों ने टनल का दौरा कर इसकी व्यवस्थाओं और तकनीकी खूबियों का जायजा लिया था। ऐसे में पहली बारिश में टनल के अंदर पानी भरने की घटना ने इसकी तैयारियों और ड्रेनेज सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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