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Kotputli-Behror: इलाज के लिए मरीज परेशान,स्टाफ की देरी से आने पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सीएचसी पर जड़ा ताला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Fri, 29 May 2026 12:17 PM IST
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सार
Kotputli-Behror: कोटपूतली-बहरोड़ जिले में सीएचसी स्टाफ के देर से पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला जड़कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया।
स्टाफ के देरी से आने के आरोप पर सीएचसी के मुख्य गेट पर जड़ा ताला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में अस्पताल स्टाफ के समय पर नहीं पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग की।
'समय पर नहीं पहुंचते डॉक्टर और कर्मचारी'
ग्रामीणों का कहना है कि सीएचसी में चिकित्सक एवं अन्य कर्मचारी अक्सर निर्धारित समय से देरी से पहुंचते हैं, जिसके कारण इलाज के लिए सुबह आने वाले मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई मरीजों और उनके परिजनों को बिना उपचार के वापस लौटना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में पूर्व में कई बार मौखिक शिकायतें भी की गईं, लेकिन स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ।
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स्टाफ नहीं पहुंचा तो भड़के ग्रामीण
बुधवार सुबह भी जब अस्पताल खुलने के निर्धारित समय के बाद तक पर्याप्त स्टाफ नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल परिसर के बाहर एकत्रित हो गए और विरोध जताते हुए मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।
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मरीजों को हो रही भारी परेशानी
ग्रामीणों का कहना था कि अस्पताल में नियमित रूप से चिकित्सक और स्टाफ समय पर उपस्थित रहें तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उनका आरोप था कि लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पुलिस ने पहुंचकर कराया शांत
घटना की सूचना मिलने पर बनेठी पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी जयसिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाइश दी और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने की सलाह दी। काफी देर तक चली बातचीत के बाद स्थिति सामान्य हुई।
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अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, सीएचसी के चिकित्सक ने ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं तथा कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। चिकित्सक ने कहा कि लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ और स्टाफ की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की गई तो वे भविष्य में और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।