{"_id":"6a3ec09c4d7782e8e101c656","slug":"nagaur-minister-please-clear-the-mud-children-s-plea-pays-off-9-lakh-sanctioned-for-permanent-solution-2026-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nagaur: 'मंत्री जी राम-राम... कादो हटवा द्यो', मासूमों की अपील लाई रंग, कीचड़ से राहत के लिए 9 लाख की मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nagaur: 'मंत्री जी राम-राम... कादो हटवा द्यो', मासूमों की अपील लाई रंग, कीचड़ से राहत के लिए 9 लाख की मंजूरी
Fri, 26 Jun 2026 11:40 PM IST
नागौर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 11:40 PM IST
सार
स्कूल जाने के लिए रोज कीचड़ में गिरने को मजबूर बच्चों की आवाज आखिरकार प्रशासन तक पहुंच गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद दुगोली गांव में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए 9 लाख रुपये के रिचार्जेबल ट्यूबवेल को स्वीकृति मिल गई।
विज्ञापन
बच्चों की मासूम गुहार पर मंत्री ने दी 9 लाख की मंजूरी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए स्कूली बच्चों के वीडियो का सकारात्मक असर देखने को मिला है। नागौर जिले के जायल विधानसभा क्षेत्र के दुगोली गांव में लंबे समय से जलभराव और कीचड़ की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आखिरकार राहत मिलने जा रही है।
दुगोली गांव में स्कूल, दादूदयाल जी मंदिर और अस्पताल जाने वाले मुख्य मार्ग पर वर्षों से जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में सड़क कीचड़ और गंदे पानी से भर जाती थी। इससे स्कूली बच्चों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बच्चे फिसलकर गिर जाते थे और गंदे पानी के कारण बीमारियों का खतरा भी बना रहता था। ग्रामीण कई बार शिकायत कर चुके थे लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
ये भी पढ़ें: Kotputli-Behror News: हाईवे पर पलटा दूध से भरा टैंकर, लूटने के लिए बाल्टी, बोतल और ड्रम लेकर पहुंचे लोग
विज्ञापन
दो दिन पहले ग्रामीण सेवा शिविर के बाद गांव के कुछ स्कूली बच्चों ने अपनी समस्या का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में बच्चे स्थानीय बोली में हाथ जोड़कर PWD राज्य मंत्री एवं जायल विधायक डॉ. मंजू बाघमार से भावुक अपील करते नजर आए। बच्चों ने कहा, "मंत्री जी राम-राम... ओ कादो हटवा द्यो... नहीं तो वोटिंग कोनी मिले ली..." बच्चों ने बताया कि वे कई बार कीचड़ में गिर चुके हैं और स्कूल तथा मंदिर तक पहुंचने का रास्ता बेहद खराब है।
बच्चों की यह मासूम अपील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने मामले का संज्ञान लिया। समस्या के स्थायी समाधान के लिए 9 लाख रुपये की लागत से रिचार्जेबल ट्यूबवेल निर्माण की स्वीकृति दी गई है, यह ट्यूबवेल जल निकासी के साथ-साथ भूजल पुनर्भरण (रीचार्ज) का भी कार्य करेगा। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए, ताकि गांव के बच्चों और ग्रामीणों को जल्द से जल्द जलभराव और कीचड़ की समस्या से राहत मिल सके।
विज्ञापन
दुगोली गांव में स्कूल, दादूदयाल जी मंदिर और अस्पताल जाने वाले मुख्य मार्ग पर वर्षों से जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में सड़क कीचड़ और गंदे पानी से भर जाती थी। इससे स्कूली बच्चों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बच्चे फिसलकर गिर जाते थे और गंदे पानी के कारण बीमारियों का खतरा भी बना रहता था। ग्रामीण कई बार शिकायत कर चुके थे लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Kotputli-Behror News: हाईवे पर पलटा दूध से भरा टैंकर, लूटने के लिए बाल्टी, बोतल और ड्रम लेकर पहुंचे लोग
विज्ञापन
दो दिन पहले ग्रामीण सेवा शिविर के बाद गांव के कुछ स्कूली बच्चों ने अपनी समस्या का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में बच्चे स्थानीय बोली में हाथ जोड़कर PWD राज्य मंत्री एवं जायल विधायक डॉ. मंजू बाघमार से भावुक अपील करते नजर आए। बच्चों ने कहा, "मंत्री जी राम-राम... ओ कादो हटवा द्यो... नहीं तो वोटिंग कोनी मिले ली..." बच्चों ने बताया कि वे कई बार कीचड़ में गिर चुके हैं और स्कूल तथा मंदिर तक पहुंचने का रास्ता बेहद खराब है।
बच्चों की यह मासूम अपील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने मामले का संज्ञान लिया। समस्या के स्थायी समाधान के लिए 9 लाख रुपये की लागत से रिचार्जेबल ट्यूबवेल निर्माण की स्वीकृति दी गई है, यह ट्यूबवेल जल निकासी के साथ-साथ भूजल पुनर्भरण (रीचार्ज) का भी कार्य करेगा। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए, ताकि गांव के बच्चों और ग्रामीणों को जल्द से जल्द जलभराव और कीचड़ की समस्या से राहत मिल सके।