{"_id":"6a83c4c0260e8865ff0b2fab","slug":"nagaur-news-stone-falls-while-icu-patient-seeks-support-in-washroom-dies-family-alleges-serious-negligence-2026-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nagaur News: वॉशरूम में सहारा लेने के दौरान गिरा पत्थर, ICU में भर्ती मरीज की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Nagaur News: वॉशरूम में सहारा लेने के दौरान गिरा पत्थर, ICU में भर्ती मरीज की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
Tue, 18 Aug 2026 08:04 AM IST
नागौर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 08:04 AM IST
सार
नागौर जिला अस्पताल में ICU के एक मरीज की दर्दनाक मौत ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के मुताबिक गंभीर हालत में भर्ती सुखाराम को वॉशरूम में सहारे की जरूरत थी, लेकिन मदद नहीं मिली और यह हादसा हो गया।
विज्ञापन
मौके पर मौजूद परिजन और पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के गृह जिले नागौर में राजकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय के ICU में भर्ती एक गंभीर मरीज की वॉशरूम में हादसे के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मरीज को वॉशरूम जाते समय अस्पताल स्टाफ से आवश्यक मदद नहीं मिली और सहारा लेने के दौरान एक पत्थर टूटकर उसके ऊपर गिर गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव लेने से इंकार कर दिया और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
खींवसर उपखंड के चावंडिया गांव निवासी सुखाराम मेघवाल हृदय रोग से पीड़ित थे। देर रात तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया। परिजनों के अनुसार सुबह वे वॉशरूम गए, जहां बीमारी के कारण उन्हें खड़े होने में परेशानी हो रही थी। आरोप है कि उन्होंने यूरिनल के पास मौजूद सहारे का इस्तेमाल करने की कोशिश की इसी दौरान वह टूटकर उनके ऊपर गिर गया। इस हादसे में सुखाराम की मौत हो गई।
विज्ञापन
परिजनों का कहना है कि ICU में भर्ती गंभीर मरीज को वॉशरूम जाते समय आवश्यक सहायता मिलनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि यदि समय पर स्टाफ की मदद मिलती तो हादसा टाला जा सकता था। हालांकि घटना में वास्तविक लापरवाही किस स्तर पर हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
विज्ञापन
परिजनों ने शव लेने से किया इंकार
सुखाराम के परिवार में दो छोटे बेटे और दो बेटियां हैं। परिजनों के अनुसार वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। घटना के बाद परिवार और समाज के लोगों में आक्रोश है। मृतक के पिता ने मांग की है कि जब तक जिम्मेदार अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव नहीं लिया जाएगा। समाजसेवी मांगनाराम कड़ेली ने परिवार को आर्थिक सहायता और संविदा पर नौकरी देने की मांग भी उठाई है।
ये भी पढ़ें: पंचायत-निकाय चुनाव: उदयपुर में 7वीं बार BJP का बोर्ड बनाने का दावा, सांसद रावत बोले- जनता फिर देगी मौका
सांसद हनुमान बेनीवाल ने उठाए सवाल
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी घटना को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर हालत वाले मरीज को वॉशरूम जाते समय पर्याप्त सहायता नहीं दी गई। सांसद ने इसे सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर चूक बताते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने जिला कलेक्टर से फोन पर बात कर परिजनों और आंदोलन कर रहे लोगों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही।
प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा
अतिरिक्त जिला कलेक्टर के अनुसार परिजनों की ओर से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। कलेक्टर ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है। फिलहाल शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है और परिजन जांच एवं कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
ICU में मरीजों की निगरानी क्यों जरूरी?
ICU में गंभीर और जीवन-संकट वाले मरीजों को विशेष निगरानी में रखा जाता है। यहां मरीजों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी के साथ जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में इस घटना के बाद अस्पताल में गंभीर मरीजों की देखभाल और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि घटना में अस्पताल स्टाफ की वास्तविक जिम्मेदारी और लापरवाही जांच पूरी होने के बाद ही तय हो सकेगी।