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Nagaur News: श्रम विभाग में कमीशनखोरी का ऑडियो वायरल होने के बाद हुआ एक्शन, श्रम निरीक्षक को निलंबित किया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Wed, 10 Dec 2025 07:29 PM IST
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सार
नागौर श्रम विभाग में श्रम निरीक्षक द्वारा ई-मित्र संचालकों और एजेंटों से कमीशन की मांग का ऑडियो वायरल होने के बाद विभाग ने कार्रवाई कर श्रम निरीक्षक को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।
निलंबित श्रम निरीक्षक कुलदीप यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
श्रम विभाग में मजदूरों और छात्रों के हक पर डाका डालने वाला एक बड़ा खुलासा हुआ है। जिले के श्रम निरीक्षक कुलदीप यादव को भ्रष्टाचार के आरोप में श्रम आयुक्तालय, जयपुर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनका मुख्यालय भी बारां स्थानांतरित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक 45 मिनट के वायरल हुए ऑडियो के बाद हुई, जिसमें यादव एजेंटों से 8 प्रतिशत कमीशन मांगते हुए धमकी देते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।
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45 मिनट की इस ऑडियो रिकॉर्डिंग में कुलदीप यादव ई-मित्र और दलालों से कमीशन की मांग कर रहे हैं। वे कहते हैं कि 8 प्रतिशत कमीशन दो और काम करवाओ, वरना रगड़-रगड़कर रिजेक्ट करूंगा। यादव ने दावा किया कि 2022-23 में उन्होंने 27 हजार फाइलें एक झटके में रिजेक्ट कर दी थीं और किसी ने कुछ नहीं किया।
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ऑडियो में जब एजेंट 7 प्रतिशत देने पर अड़े, तो यादव ने कहा कि मैं वो ही कुलदीप हूं, 2022 में आपकी 25 से 27 हजार फाइल रगड़-रगड़कर रिजेक्ट की, कोई चूं भी नहीं कर सका। जाओ, मैदान खुला पड़ा है।
शाम को यादव ने एजेंट को घर बुलाकर 1 लाख रुपये एडवांस मांगे। साथ ही यह भी कहा कि हमने भी एक-दो माह पहले एडवांस दिए, अब आईडी चालू हुई। पेमेंट पहले लाओ, काम करवाना है तो जेब से पैसा लगाओ। ऑडियो में जयपुर में पैसे देकर आईडी चालू करवाने का भी जिक्र है।
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मजदूर कार्ड के लिए 500 रुपये, रिन्यूअल के लिए 300 रुपये। छात्रवृत्ति फॉर्मों में 20 प्रतिशत के साथ ही सैंडबैक(कमी निकालकर रिजेक्ट) करने की बात भी ऑडियो में सुनाई दे रही है। यादव ने कहा कि महीने में सिर्फ 3-4 हजार फाइलें पास करेंगे, ताकि सिस्टम में समस्या न आए।
गौरतलब है कि नागौर श्रम विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें लंबे समय से आ रही हैं। शिकायतों के बाद विभाग ने स्थानीय निरीक्षकों के पॉवर सीज कर दिए थे। जिम्मेदारी सीकर और चूरू के निरीक्षकों को सौंपी गई लेकिन पांच महीने बाद आईडी खुलते ही यादव ने एजेंटों की मीटिंग बुलाई और कमीशन की मांग शुरू कर दी।
ऑडियो में ऊपर लेवल तक मिलीभगत की ओर भी इशारा किया गया है। ऑडियो में यादव कहते हैं कि मैं तो 6 प्रतिशत में कर दूंगा लेकिन ऊपर वाले 2 प्रतिशत खाएंगे। ऊपर वाले को खर्चा दे दो। यह बात हेड ऑफिस स्तर पर मिलीभगत की ओर इशारा करती है।
नागौर के सहायक श्रम आयुक्त राकेश चौधरी ने बातचीत में कहा कि श्रम विभाग का जो ऑडियो वायरल हुआ है, उसे लेकर विभाग ने इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है और इसका मुख्यालय भी बारां कर दिया है। मैं श्रमिकों से कहना चाहता हूं कि यदि कोई आदमी विभाग में आपसे पैसे की मांग करता है तो आप भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाएं। विभाग ने ऑडियो की जांच शुरू कर दी है। क्या कुलदीप यादव और अन्य पर कड़ी कार्रवाई होगी? क्या विजिलेंस जांच होगी? ये सवाल अब खुले हैं।