Rajasthan News: प्रेमिका के साथ की लव मैरिज, युवक घर लौटा तो परिजनों ने पीट-पीटकर मार डाला; भटक रहे पत्नी-बेटा
पीड़िता उर्मिला ने अमर उजाला से बातचीत में कहा- "मेरे पुत्र योगेश को पुलिस ने उसके पिता को मुखाग्नि तक नहीं देने दी। पुलिस ने मेरे और मेरे पुत्र के साथ धोखा किया। हर पुत्र अपने पिता को अंतिम समय में मुखाग्नि देता है, लेकिन पुलिस और विकास के परिजनों ने धोखा कर अंतिम संस्कार कर दिया।
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नागौर जिले के जायल उपखंड के सोमणा गांव के रहने वाले विकास जांगिड़ ने आठियासन गांव की रहने वाली उर्मिला मेघवाल से जोधपुर हाईकोर्ट में शादी कर ली। शादी के बाद दोनों हैदराबाद चले गए और वहां अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की। करीब एक साल बाद दोनों को एक बेटा हुआ। इसी बीच हैदराबाद में विकास को पीलिया हुआ तो बेटे और पत्नी उर्मिला को लेकर वह अपने पुस्तैनी गांव आ गया। जैसे ही विकास अपनी पत्नी और पुत्र के साथ घर पहुंचा, उसके चाचा, मामा और मोसा ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। चाचा ने विकास के साथ मारपीट शुरू की, तो उर्मिला नेरोल थाना पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। मारपीट में विकास गंभीर रूप से घायल हो गया, पत्नी उर्मिला ने उसे नागौर के पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय चिकित्सालय में भर्ती करवाया। जहां, इलाज के दौरान विकास की मौत हो गई।
पुलिस ने विकास के परिजनों को बुलाकर शव सुपुर्द कर दिया और विकास की पत्नी उर्मिला और उनके एक वर्षीय बेटे को अस्पताल में छोड़कर चले गए। अब विकास जांगिड़ की पत्नी उर्मिला और उसका बेटा युवराज करीब एक महीने से पुलिस के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस उर्मिला और विकास के पुत्र को न्याय दिलवाने में असमर्थ दिखाई दे रही है। उर्मिला का कहना है, "न तो उसके खाने के पैसे हैं, कपड़े के लिए। इस सर्दी में वह अपने एक वर्षीय मासूम को कहां रखें।
दरअसल, नागौर के निकटवर्ती गांव आठियासन निवासी उर्मिला मेघवाल पुत्री जहावरी लाल ने 2019 में सोमणा गांव के रहने वाले विकास जांगिड़ के साथ लिव इन रिलेशन में रहना शुरू किया था। 5 अप्रैल 2022 को उन्होंने जोधपुर हाईकोर्ट में शादी कर ली। शादी के बाद वह हैदराबाद चले गए, जहां विकास मजदूरी करता था। इस बीच उर्मिला ने एक बेटे (योगेश) को जन्म दिया। पिछले महीने 23 नवंबर 2024 को वे हैदराबाद से जायल के सोमणा गांव पहुंचे। घर पहुंचते ही विकास के चाचा और मामा ने मिलकर उसकी पत्नी के सामने ही विकास के साथ मारपीट की। उर्मिला ने रोल थाना पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस ने कहा कि थाने लेकर आओ। गांव के लोगों के सहयोग से उर्मिला ने विकास को नागौर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। कुछ राहत मिलने के बाद उर्मिला उसे नागौर शहर से बाहर स्थित गौशाला लेकर गई, लेकिन 25 नवंबर को दर्द बढ़ने पर वह उसे नागौर के JLN राजकीय चिकित्सालय ले आई, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रोल थाना पुलिस ने उर्मिला और उसके पुत्र को धोखा देते हुए शव को अपने साथ ले गई। पहले पुलिस ने उर्मिला से कहा था कि वे उसे साथ लेकर जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं किया।
पुलिस ने बेटे को नहीं देने दी मुखाग्नि
उर्मिला ने अमर उजाला से बातचीत में कहा- "मेरे पुत्र योगेश को पुलिस ने उसके पिता को मुखाग्नि तक नहीं देने दी। पुलिस ने मेरे और मेरे पुत्र के साथ धोखा किया। हर पुत्र अपने पिता को अंतिम समय में मुखाग्नि देता है, लेकिन पुलिस और विकास के परिजनों ने धोखा कर अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस मुझे और मेरे पुत्र को अस्पताल की मोर्चरी के बाहर अकेले छोड़कर चली गईं। जब मैंने कार्रवाई के लिए पुलिस से कहा, तो उन्होंने कहा कि 12 दिन बाद करेंगे। अब हम पुलिस के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है। मेरे पास खाने और पीने के पैसे नहीं हैं।
घर में चल रही थी बहनों की शादी की तैयारी
उर्मिला मेघवाल ने बताया कि उसके पति विकास की दो बहनें और एक भाई था। घर में बहनों की सगाई की तैयारी हो रही थी। विकास के चाचा ने उसकी बहनों की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की, जिसके बाद विकास खूब रोने लगा। इसके बाद वह उसे घर लेकर आ गया।