{"_id":"69f6bd46d970b18d590e138a","slug":"nagaur-police-bust-cyber-fraud-gang-21-arrested-in-operation-nagaur-news-c-1-1-noi1346-4237138-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऑपरेशन म्यूल हंटर: नागौर में साइबर अपराध पर कड़ा प्रहार, 17 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश, 21 ठग गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑपरेशन म्यूल हंटर: नागौर में साइबर अपराध पर कड़ा प्रहार, 17 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश, 21 ठग गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2026 10:34 AM IST
विज्ञापन
सार
साइबर अपराध पर नकेल कसते हुए नागौर पुलिस ने अब तक की बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत करीब 17 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा कर पुलिस ने 21 ठगों को गिरफ्तार किया है।
साइबर ठगों पर पुलिस का शिकंजा
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत पुलिस ने 21 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है।
Trending Videos
नागौर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत करीब 17 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ दबिश देकर 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 28 मामले दर्ज किए हैं। आरोपियों के कब्जे से 59 मोबाइल फोन, 7 लैपटॉप, 1 टैबलेट, 44 एटीएम कार्ड, 4 बैंक पासबुक, 2 वाई-फाई डोंगल और 1 चेकबुक बरामद की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Rajasthan: 'डबल इंजन सरकार की योजनाएं बनीं माटी कला शिल्पकारों के उत्थान का आधार', CM भजनलाल शर्मा ने कहा
जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। ये ठग फर्जी वेबसाइट, टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए निवेश, ट्रेडिंग और टास्क पूरा करने के नाम पर लोगों को लालच देते थे और मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर उनसे पैसे ऐंठे जाते थे। इतना ही नहीं ये आरोपी भोले-भाले लोगों को सरकारी योजना, नौकरी या कमीशन का झांसा देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड हासिल कर लेते थे। बाद में इन्हीं खातों को म्यूल अकाउंट बनाकर ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसके तार नागौर के अलावा अन्य राज्यों तक फैले हुए हैं। अभियान के दौरान कई स्थानों पर दबिश देकर इस नेटवर्क की अहम कड़ियों को तोड़ा गया है। इस कार्रवाई को नागौर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है क्योंकि इससे न केवल करोड़ों की ठगी का खुलासा हुआ है, बल्कि साइबर अपराध के बढ़ते खतरे पर भी बड़ा प्रहार हुआ है।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या निजी दस्तावेज साझा न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध लिंक, ऑफर या निवेश योजना से दूर रहें। अगर किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाने की सलाह दी गई है। राज्य स्तर पर 1 से 30 अप्रैल 2026 तक चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत नागौर में मिली यह सफलता यह दिखाती है कि पुलिस की सख्ती से साइबर अपराधियों पर नकेल कसना संभव है।