Rajasthan: बांसवाड़ा में 4 प्रसूताओं की मौत की जयपुर से होगी हाईलेवल जांच, अस्पताल पहुंची विशेषज्ञों की टीम
बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में चार प्रसूताओं की मौत के मामले में जयपुर से आई उच्च स्तरीय विशेषज्ञ टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। मेडिकल रिकॉर्ड जब्त कर डॉक्टरों और स्टाफ से पूछताछ की गई। जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।
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महात्मा गांधी अस्पताल में 7 से 10 जुलाई के बीच चार प्रसूताओं की मौत के मामले स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और प्रमुख शासन सचिव (स्वास्थ्य) के निर्देश पर रविवार को जयपुर से वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक उच्च स्तरीय जांच टीम अस्पताल पहुंची। टीम ने उपचार व्यवस्था, मेडिकल रिकॉर्ड और संबंधित चिकित्सकों से जानकारी जुटाई।
जांच दल ने सबसे पहले गायनिक वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान भर्ती मरीजों के उपचार की व्यवस्था, उपलब्ध संसाधन, वार्ड प्रबंधन, आपातकालीन सुविधाएं तथा प्रसव के दौरान अपनाई जाने वाली चिकित्सा प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया गया। इसके बाद चारों मृत प्रसूताओं से संबंधित केस फाइलें, जांच रिपोर्ट, ऑपरेशन नोट्स, दवा पर्चियां और अन्य मेडिकल रिकॉर्ड कब्जे में लेकर उनकी तकनीकी जांच शुरू की गई।
भर्ती, उपचार को लेकर पूछे सवाल
निरीक्षण के बाद अस्पताल के पीएमओ कार्यालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में गायनिक विभाग के चिकित्सकों, एनेस्थेटिस्ट, नर्सिंग स्टाफ तथा अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों से प्रत्येक मामले में मरीज की अस्पताल में भर्ती से लेकर उपचार और मृत्यु तक की पूरी चिकित्सकीय प्रक्रिया के बारे में सवाल-जवाब किए। साथ ही ड्यूटी रोस्टर, रेफरल प्रक्रिया और उपचार के दौरान लिए गए चिकित्सकीय निर्णयों की भी जानकारी ली।
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जांच दल के प्रमुख सदस्य डॉ. अभिनव अग्रवाल ने बताया कि यह जांच प्रमुख शासन सचिव (स्वास्थ्य) के निर्देश पर की जा रही है। टीम किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों, मेडिकल दस्तावेजों और संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों के बयान का गहन परीक्षण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। फिलहाल प्रसूताओं की मौत के कारणों को लेकर कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। मेडिकल रिकॉर्ड के विश्लेषण, विशेषज्ञों की राय और सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
निगाहें जांच रिपोर्ट पर
चार प्रसूताओं की मौत के बाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई सवाल उठे हैं। ऐसे में अब जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आमजन की निगाहें जयपुर से आई विशेषज्ञ समिति की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा सकती है।