फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan: Mustard crops in Anupgarh begin to wither due to a lack of canal water news in hindi

राजस्थान: अनूपगढ़ में नहरी पानी के अभाव में सूखने लगी सरसों, 44 दिन से आंदोलन कर रहे किसान

Fri, 23 Oct 2026 05:35 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीगंगानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीगंगानगर Published by: शबाहत हुसैन Updated Fri, 23 Oct 2026 05:35 PM IST
सार

अनूपगढ़ शाखा क्षेत्र में नहरी पानी के अभाव और भीषण गर्मी से सरसों की अंकुरित फसल सूखने लगी है। सिंचाई की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन 44वें दिन भी जारी है। किसानों को 29 अक्तूबर की अगली बारी का इंतजार है।

विज्ञापन
Rajasthan: Mustard crops in Anupgarh begin to wither due to a lack of canal water news in hindi
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नहरी पानी के अभाव और अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में भीषण गर्मी के कारण अनूपगढ़ शाखा क्षेत्र में सरसों की अंकुरित फसल सूखने लगी है। सिंचाई के पानी की मांग को लेकर खेत बचाओ किसान बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसानों का आंदोलन शुक्रवार को 44वें दिन भी जारी रहा। खेतों में नमी तेजी से घटने और मिट्टी कठोर होने से अंकुरित पौधों को बचाना मुश्किल हो रहा है। समय पर सिंचाई का पानी नहीं मिलने के कारण किसान अब 29 अक्तूबर को प्रस्तावित अगली बारी का इंतजार कर रहे हैं।

विज्ञापन


सिंचाई के पानी का लंबा इंतजार
किसानों ने सरसों की बिजाई से पहले खेतों में एक बार सिंचाई की थी। इसके बाद लंबे समय तक पानी नहीं मिलने से खेतों की नमी तेजी से कम हो गई। किसानों के अनुसार, समय पर बिजाई और अंकुरित फसल को बचाने के लिए अक्तूबर में दो बार सिंचाई का पानी मिलना चाहिए था। किसानों को 29 सितंबर को पानी की बारी मिली थी। इसके बाद खेतों में नमी बनाए रखने के लिए 18 अक्तूबर को दूसरी बारी देने की मांग की गई थी, लेकिन उन्हें पानी नहीं मिला।
विज्ञापन


पढ़ें: 'अरुणाचल में भारत-चीन सैनिकों के बीच तनाव बरकरार': आईटीबीपी के डीजी ने बताई स्थिति, और क्या-क्या कहा?
विज्ञापन
विज्ञापन


दोबारा बिजाई करने की नौबत
किसानों का कहना है कि यदि 29 अक्तूबर को सिंचाई का पानी मिल भी जाता है, तो खेत तैयार करने और दोबारा बिजाई करने में काफी समय लगेगा। ऐसे में बिजाई का काम 7 से 8 नवंबर तक खिंच सकता है। इससे सरसों की फसल की बढ़वार और कुल उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। मूंग की फसल में पहले ही भारी नुकसान झेल चुके किसानों के सामने अब सरसों की फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।

विभागीय अनदेखी से किसानों में रोष
सिंचाई के पानी की समस्या को लेकर किसान पहले ही विभागीय अधिकारियों और राज्य सरकार तक अपनी मांग पहुंचा चुके हैं। इसके बावजूद समय पर पानी उपलब्ध नहीं होने से खेतों में अंकुरित फसल के सूखने और नष्ट होने का संकट गहरा गया है। किसानों को आशंका है कि जल्द सिंचाई का पानी नहीं मिला तो कई खेतों में दोबारा बिजाई करनी पड़ेगी। इससे उनकी लागत बढ़ने के साथ आर्थिक नुकसान भी बढ़ सकता है। सिंचाई के पानी की मांग को लेकर किसान पिछले 44 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed