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Rajasthan News: यमुना जल समझौते पर कृष्ण कुमार जानू ने उठाए सवाल, बोले- पूरा नहीं हुआ तो भाजपा को होगा नुकसान
Wed, 01 Jul 2026 09:05 PM IST
जयपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 09:05 PM IST
सार
यमुना जल समझौते पर जाट महासभा के प्रदेश महासचिव कृष्ण कुमार जानू ने सरकार को बधाई देने के साथ ही चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि यदि समझौते का समयबद्ध क्रियान्वयन नहीं हुआ तो यह मुद्दा आगामी चुनावों में भाजपा के लिए नुकसान का कारण बन सकता है।
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कृष्ण कुमार जानू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जाट महासभा के प्रदेश महासचिव, प्रदेश प्रवक्ता एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता (निष्कासित) कृष्ण कुमार जानू ने यमुना जल समझौते को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में हरियाणा के साथ ऐतिहासिक यमुना जल समझौता किया है। हालांकि उन्होंने इसके सफल क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं।
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अमर उजाला से बातचीत में जानू ने कहा कि वर्ष 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत के कार्यकाल में भी इसी प्रकार का समझौता हुआ था लेकिन वह तीन दशक से अधिक समय तक धरातल पर नहीं उतर सका। ऐसे में मौजूदा समझौते को केवल दस्तावेज तक सीमित नहीं रहने देना चाहिए, बल्कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा में स्थानीय स्तर पर संभावित विरोध, दोनों राज्यों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक व कानूनी अड़चनें इस परियोजना के सामने बड़ी बाधाएं बन सकती हैं। इसलिए सरकार को इन मुद्दों का समय रहते समाधान निकालना होगा, तभी राजस्थान को इस समझौते का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
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कृष्ण कुमार जानू ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की प्रतिक्रिया पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते का राजनीतिक श्रेय लेने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि टिकट वितरण की पूर्व रणनीतियों के कारण पार्टी को लोकसभा चुनाव में 11 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि शेखावाटी क्षेत्र में भाजपा की स्थिति कमजोर हुई है और 21 विधानसभा सीटों में पार्टी के पास केवल छह विधायक हैं।
जानू ने कहा कि पंचायती राज चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा शेखावाटी में यमुना जल समझौते को राजनीतिक मुद्दा बनाकर लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप इस समझौते का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हुआ तो यही मुद्दा आगामी चुनावों में भाजपा के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार अपने वादों को समय पर पूरा नहीं कर पाई तो यह राजनीतिक दांव पार्टी के लिए सुसाइडल अटेम्प्ट साबित हो सकता है।