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Rajasthan: हादसे में गंवाया पैर, फिर निशानेबाजी में रचा इतिहास; 19 साल के रुद्रांश को मिलेगा अर्जुन पुरस्कार
Tue, 18 Aug 2026 10:57 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Tue, 18 Aug 2026 10:57 PM IST
सार
Rajasthan News: भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने राजस्थान के भरतपुर निवासी 19 वर्षीय पैरा शूटर रुद्रांश खंडेलवाल का नाम अर्जुन पुरस्कार के लिए शामिल किया है। आठ वर्ष की आयु में हादसे में अपना पैर गंवाने वाले रुद्रांश इस वर्ष अर्जुन पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं।
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पैरा शूटर रुद्रांश खंडेलवाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भरतपुर के 19 वर्षीय पैरा शूटर रुद्रांश खंडेलवाल को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। आठ साल की उम्र में पैर गंवाने के बाद उन्होंने निशानेबाजी को लक्ष्य बनाया और तीन साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में चार विश्व रिकॉर्ड तोड़ने के साथ 25 से ज्यादा पदक जीते।
आतिशबाजी के हादसे ने बदली जिंदगी, शूटिंग को बनाया लक्ष्य
रुद्रांश जब आठ वर्ष के थे, तब एक शादी समारोह के दौरान हुई आतिशबाजी की चपेट में आने से उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया था। इस भीषण हादसे से शारीरिक और मानसिक रूप से उबरने में उन्हें करीब तीन साल का समय लगा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और निशानेबाजी को ही अपना लक्ष्य बनाया। उन्होंने निशानेबाजी सीखी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया। रुद्रांश की मां विनीता खंडेलवाल ने बताया कि लगभग आठ महीने पहले उनके नाम की सिफारिश की गई थी। फिलहाल रुद्रांश दिल्ली में हैं।
सिर्फ तीन साल का करियर, चार बार तोड़ा विश्व रिकॉर्ड
सामान्यतः अर्जुन पुरस्कार के लिए किसी खिलाड़ी के चार वर्षों के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को आधार माना जाता है। हालांकि रुद्रांश के पास केवल तीन वर्ष का अंतरराष्ट्रीय अनुभव है, लेकिन उनके असाधारण प्रदर्शन को देखते हुए चयन समिति ने उन्हें इस सम्मान के लिए चुना। वे वर्ष 2023 में 50 मीटर शूटिंग स्पर्धा में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी बने थे। इसके अलावा वे पेरिस पैरालंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वे अपने तीन वर्ष के करियर में चार बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं।
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25 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पदक, छह स्वर्ण और चार रजत भी शामिल
रुद्रांश अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अब तक 25 से ज्यादा पदक अपने नाम कर चुके हैं। उनके अर्जुन पुरस्कार चयन का मुख्य आधार बने 10 पदकों में छह स्वर्ण और चार रजत पदक शामिल हैं। उन्होंने एशियन गेम्स 2023 में दो रजत पदक और लीमा विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में दो रजत पदक जीते। इसके अलावा वे ओसिजेक शूटिंग विश्व कप 2023, नई दिल्ली शूटिंग विश्व कप 2024 और चांगवोन शूटिंग विश्व कप 2025 में दो-दो स्वर्ण पदक हासिल कर चुके हैं।
भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष गगन नारंग, पूर्व बैटमिंटन खिलाड़ी अपर्णा पोपट और पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम.एम. सोमाया की चयन समिति ने रुद्रांश के नाम की सिफारिश की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार के खेल मंत्रालय ने मंगलवार को फाइनल सूची जारी की।
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आतिशबाजी के हादसे ने बदली जिंदगी, शूटिंग को बनाया लक्ष्य
रुद्रांश जब आठ वर्ष के थे, तब एक शादी समारोह के दौरान हुई आतिशबाजी की चपेट में आने से उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया था। इस भीषण हादसे से शारीरिक और मानसिक रूप से उबरने में उन्हें करीब तीन साल का समय लगा। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और निशानेबाजी को ही अपना लक्ष्य बनाया। उन्होंने निशानेबाजी सीखी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया। रुद्रांश की मां विनीता खंडेलवाल ने बताया कि लगभग आठ महीने पहले उनके नाम की सिफारिश की गई थी। फिलहाल रुद्रांश दिल्ली में हैं।
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सिर्फ तीन साल का करियर, चार बार तोड़ा विश्व रिकॉर्ड
सामान्यतः अर्जुन पुरस्कार के लिए किसी खिलाड़ी के चार वर्षों के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन को आधार माना जाता है। हालांकि रुद्रांश के पास केवल तीन वर्ष का अंतरराष्ट्रीय अनुभव है, लेकिन उनके असाधारण प्रदर्शन को देखते हुए चयन समिति ने उन्हें इस सम्मान के लिए चुना। वे वर्ष 2023 में 50 मीटर शूटिंग स्पर्धा में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी बने थे। इसके अलावा वे पेरिस पैरालंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वे अपने तीन वर्ष के करियर में चार बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं।
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25 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय पदक, छह स्वर्ण और चार रजत भी शामिल
रुद्रांश अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अब तक 25 से ज्यादा पदक अपने नाम कर चुके हैं। उनके अर्जुन पुरस्कार चयन का मुख्य आधार बने 10 पदकों में छह स्वर्ण और चार रजत पदक शामिल हैं। उन्होंने एशियन गेम्स 2023 में दो रजत पदक और लीमा विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में दो रजत पदक जीते। इसके अलावा वे ओसिजेक शूटिंग विश्व कप 2023, नई दिल्ली शूटिंग विश्व कप 2024 और चांगवोन शूटिंग विश्व कप 2025 में दो-दो स्वर्ण पदक हासिल कर चुके हैं।
भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष गगन नारंग, पूर्व बैटमिंटन खिलाड़ी अपर्णा पोपट और पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम.एम. सोमाया की चयन समिति ने रुद्रांश के नाम की सिफारिश की थी, जिसके बाद केंद्र सरकार के खेल मंत्रालय ने मंगलवार को फाइनल सूची जारी की।