{"_id":"6a1e3be6d8021ec8a8091d76","slug":"sawai-madhopur-kirori-lal-meena-joins-folk-artists-on-stage-breaks-into-dance-as-folk-songs-fill-the-air-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sawai Madhopur News: मंच पर लोकगीत गूंजते ही खुद को रोक नहीं पाए किरोड़ी; लोक कलाकारों संग लगाए ठुमके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sawai Madhopur News: मंच पर लोकगीत गूंजते ही खुद को रोक नहीं पाए किरोड़ी; लोक कलाकारों संग लगाए ठुमके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
Published by: सवाई ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2026 07:42 AM IST
विज्ञापन
सार
माणोली गांव में आयोजित कन्हैया पद दंगल में लोक संस्कृति के रंग में रंगे कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा का अलग ही अंदाज देखने को मिला। मंच पर गूंजते लोकगीतों के बीच मंत्री ने भी जमकर नृत्य किया।
पद दंगल में जमकर थिरके किरोड़ी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
सवाई माधोपुर विधानसभा क्षेत्र के माणोली गांव में आयोजित लोक उत्सव कन्हैया पद दंगल में लोक संस्कृति और परंपरा की शानदार झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, लोक कलाकारों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा रहे। उनके आगमन पर ग्रामीणों और आयोजन समिति ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान डॉ. मीणा को हाथी पर बैठाकर कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। अपने संबोधन में कृषि मंत्री ने कहा कि लोक संस्कृति और लोक परंपराएं हमारी पहचान हैं। इन्हें संरक्षित और प्रोत्साहित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोक कलाकारों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: आसमान से बरसे पत्थर जैसे ओले: नागौर में कुदरत का रौद्र रूप, भीषण गर्मी के बीच लोगों को मिली राहत
कन्हैया पद दंगल में लोक गायकों ने पारंपरिक भजन और लोकगीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने गीत-संगीत का भरपूर आनंद लिया। इस दौरान एक विशेष दृश्य तब देखने को मिला, जब कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा भी लोक कलाकारों के साथ मंच के सामने जमकर थिरकते नजर आए। डॉ. मीणा का यह सहज और लोक संस्कृति से जुड़ा अंदाज लोगों को खूब पसंद आया। गौरतलब है कि वे विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में अक्सर आमजन के बीच घुलते-मिलते नजर आते हैं और अवसर मिलने पर लोकगीतों की धुन पर नृत्य करने से भी नहीं चूकते।
कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही। पूरे आयोजन के दौरान लोक संस्कृति, संगीत और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला।