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'गुर्जर समाज को हल्के में न लें': सम्मान नहीं देने वालों को भाजपा विधायक ने दी चेतावनी; गरमाई सियासत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
Published by: सवाई ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 09:57 PM IST
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सार
सवाई माधोपुर के कुशाली दर्रा में विजय बैंसला ने कहा कि गुर्जर समाज केवल वोट बैंक नहीं है और उसका इस्तेमाल अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, हालिया विवाद पर विधायक जितेंद्र गोठवाल ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध सभी का अधिकार है और वह समाज के साथ हमेशा खड़े हैं।
विधायक जितेंद्र गोठवाल
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सवाई माधोपुर के कुशाली दर्रा में आयोजित एक सभा के दौरान गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के नेता विजय बैंसला ने समाज और राजनीति से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज केवल चुनावी राजनीति का माध्यम नहीं है और समाज के सम्मान की अनदेखी करने वालों को इसका राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ सकता है। सभा को संबोधित करते हुए विजय बैंसला ने कहा कि गुर्जर समाज लंबे समय से राजनीतिक उपेक्षा और इस्तेमाल की भावना से आहत है। उन्होंने कहा कि यदि समाज को उचित सम्मान नहीं मिला तो वह लोकतांत्रिक तरीके से अपना जवाब देगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में समाज के भीतर जो असंतोष पनपा है, वह अब खुलकर सामने आने लगा है। बैंसला ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि समाज को किसी के राजनीतिक हितों का साधन नहीं बनने देना चाहिए और अपने अधिकारों व सम्मान के प्रति सजग रहना चाहिए।
गुर्जर समाज को कमतर आंकने की भूल नहीं करनी चाहिए
सभा के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मर जाता है। उन्होंने हालिया घटनाक्रम को समाज के भीतर मौजूद नाराजगी का परिणाम बताया। विजय बैंसला ने राजस्थान के राजनीतिक दलों और नेताओं को भी संदेश देते हुए कहा कि गुर्जर समाज को कमतर आंकने की भूल नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज शिक्षित और जागरूक है तथा अपने हितों और राजनीतिक फैसलों का मूल्यांकन करना अच्छी तरह जानता है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सभी को अवसर मिलना चाहिए, लेकिन किसी भी व्यक्ति या दल को बिना जवाबदेही के लगातार समर्थन देना उचित नहीं है।
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विधायक गोठवाल ने दी सफाई
वहीं, पूरे घटनाक्रम पर खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह हमेशा गुर्जर समाज के साथ रहे हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने बताया कि वह श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने पहुंचे थे, जहां कुछ युवाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद माहौल गरमाता देख उन्होंने वहां से लौटना उचित समझा। गोठवाल ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति व्यक्त करना हर नागरिक का अधिकार है और वह इसका सम्मान करते हैं।
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गुर्जर समाज को कमतर आंकने की भूल नहीं करनी चाहिए
सभा के दौरान उन्होंने प्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मर जाता है। उन्होंने हालिया घटनाक्रम को समाज के भीतर मौजूद नाराजगी का परिणाम बताया। विजय बैंसला ने राजस्थान के राजनीतिक दलों और नेताओं को भी संदेश देते हुए कहा कि गुर्जर समाज को कमतर आंकने की भूल नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज शिक्षित और जागरूक है तथा अपने हितों और राजनीतिक फैसलों का मूल्यांकन करना अच्छी तरह जानता है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सभी को अवसर मिलना चाहिए, लेकिन किसी भी व्यक्ति या दल को बिना जवाबदेही के लगातार समर्थन देना उचित नहीं है।
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वहीं, पूरे घटनाक्रम पर खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह हमेशा गुर्जर समाज के साथ रहे हैं और आगे भी रहेंगे। उन्होंने बताया कि वह श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने पहुंचे थे, जहां कुछ युवाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद माहौल गरमाता देख उन्होंने वहां से लौटना उचित समझा। गोठवाल ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति व्यक्त करना हर नागरिक का अधिकार है और वह इसका सम्मान करते हैं।