{"_id":"6a1d5bce5cb8662bdf0bfe50","slug":"sawai-madhopur-grp-horror-cops-force-man-to-drink-urine-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानवता शर्मसार: शराब के नशे में धुत जीआरपी कर्मियों ने मैनेजर को पिलाई पेशाब; तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानवता शर्मसार: शराब के नशे में धुत जीआरपी कर्मियों ने मैनेजर को पिलाई पेशाब; तीन पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
Published by: सवाई ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 03:45 PM IST
विज्ञापन
सार
गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन की कैंटीन के मैनेजर ने जीआरपी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर मारपीट, जबरन यूरिन पिलाने और रुपये छीनने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर जांच शुरू कर दी गई है।
गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
गंगापुर सिटी रेलवे स्टेशन स्थित एक कैंटीन के मैनेजर ने जीआरपी के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि कथित मासिक वसूली नहीं देने पर उसे जीआरपी थाने से जुड़े सरकारी क्वार्टर में बुलाकर बेरहमी से पीटा गया। इतना ही नहीं, एक अधिकारी पर शराब की बोतल में यूरिन भरकर पिलाने का भी आरोप लगाया गया है। मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
जयपुर जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई
जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन पर संचालित कैंटीन के मैनेजर अजीत सिंह ने 29 मई को जयपुर जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने सीएमआई (कमर्शियल मैनेजमेंट इंस्पेक्टर) रवि मीणा, एएसआई भवानी शंकर, कांस्टेबल दिलीप कुमार मीणा और मस्तराम मीणा को नामजद किया है।
लाइसेंस रद्द कराने की धमकी दी गई
पीड़ित का आरोप है कि 26 मई की रात सीएमआई रवि मीणा कथित रूप से मासिक राशि मांगने कैंटीन पहुंचे। अजीत सिंह ने कुछ दिनों की मोहलत मांगी तो उन्हें लाइसेंस रद्द कराने की धमकी दी गई। इसके बाद रात करीब 11 बजे एएसआई भवानी शंकर ने उन्हें सरकारी क्वार्टर पर बुलाया।
विज्ञापन
15700 रुपये निकाल लेने का आरोप
शिकायत के अनुसार, वहां मौजूद चारों लोगों ने शराब के नशे में उनके साथ मारपीट की। अजीत सिंह का आरोप है कि इस दौरान उन्हें अपमानित किया गया और जबरन यूरिन पिलाया गया। साथ ही उनकी जेब से 15,700 रुपये निकाल लेने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने मदद के लिए शोर मचाया, लेकिन कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण कोई उनकी सहायता नहीं कर सका। घटना के बाद उनके शरीर पर गर्दन, कान, नाक, पीठ, कंधे और जांघों पर चोटों के निशान पाए गए।
ये भी पढ़ें- Ajmer: कांग्रेस चिंतन शिविर के समापन में पहुंचे राहुल गांधी, जिलाध्यक्षों के परिवार से मिले, खड़गे का दौरा टला
मामले की शिकायत मिलने के बाद जीआरपी ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। जांच की जिम्मेदारी जीआरपी कोटा के पुलिस उपाधीक्षक शकील अहमद को सौंपी गई है। मामला संज्ञान में आने के बाद जीआरपी पुलिस अधीक्षक, अजमेर ने एएसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। जीआरपी कोटा के पुलिस उपाधीक्षक शकील अहमद ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। परिवादी के बयान लिए जा रहे हैं और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई
जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन पर संचालित कैंटीन के मैनेजर अजीत सिंह ने 29 मई को जयपुर जीआरपी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने सीएमआई (कमर्शियल मैनेजमेंट इंस्पेक्टर) रवि मीणा, एएसआई भवानी शंकर, कांस्टेबल दिलीप कुमार मीणा और मस्तराम मीणा को नामजद किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लाइसेंस रद्द कराने की धमकी दी गई
पीड़ित का आरोप है कि 26 मई की रात सीएमआई रवि मीणा कथित रूप से मासिक राशि मांगने कैंटीन पहुंचे। अजीत सिंह ने कुछ दिनों की मोहलत मांगी तो उन्हें लाइसेंस रद्द कराने की धमकी दी गई। इसके बाद रात करीब 11 बजे एएसआई भवानी शंकर ने उन्हें सरकारी क्वार्टर पर बुलाया।
Trending Videos
15700 रुपये निकाल लेने का आरोप
शिकायत के अनुसार, वहां मौजूद चारों लोगों ने शराब के नशे में उनके साथ मारपीट की। अजीत सिंह का आरोप है कि इस दौरान उन्हें अपमानित किया गया और जबरन यूरिन पिलाया गया। साथ ही उनकी जेब से 15,700 रुपये निकाल लेने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने मदद के लिए शोर मचाया, लेकिन कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण कोई उनकी सहायता नहीं कर सका। घटना के बाद उनके शरीर पर गर्दन, कान, नाक, पीठ, कंधे और जांघों पर चोटों के निशान पाए गए।
ये भी पढ़ें- Ajmer: कांग्रेस चिंतन शिविर के समापन में पहुंचे राहुल गांधी, जिलाध्यक्षों के परिवार से मिले, खड़गे का दौरा टला
मामले की शिकायत मिलने के बाद जीआरपी ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। जांच की जिम्मेदारी जीआरपी कोटा के पुलिस उपाधीक्षक शकील अहमद को सौंपी गई है। मामला संज्ञान में आने के बाद जीआरपी पुलिस अधीक्षक, अजमेर ने एएसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। जीआरपी कोटा के पुलिस उपाधीक्षक शकील अहमद ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। परिवादी के बयान लिए जा रहे हैं और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।