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Sawai Madhopur News: रामसिंहपुरा के खेतों में पहुंचा बाघ टी-2407, रेडियो कॉलर लगाकर जंगल में छोड़ा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर Published by: सवाई ब्यूरो Updated Tue, 10 Mar 2026 10:30 AM IST
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सार

रामसिंहपुरा गांव के खेतों में पहुंचे बाघ टी-2407 को वन विभाग की टीम ने सुरक्षित तरीके से ट्रेंकुलाइज कर पकड़ लिया। स्वास्थ्य जांच के बाद बाघ को रेडियो कॉलर लगाकर दोबारा रणथंभौर के जंगल में छोड़ दिया गया।

Sawai Madhopur News: Tiger T-2407 Found in Ramsinghpura Fields, Radio-Collared and Released Back into Forest
बाघ को ट्रेंकुलाइज कर जंगल में छोड़ा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व के जंगलों से निकलकर रामसिंहपुरा गांव के खेतों में पहुंचे बाघ टी-2407 को वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद बाघ को रेडियो कॉलर लगाकर स्वास्थ्य जांच की गई और आवश्यक परीक्षणों के बाद उसे दोबारा रणथंभौर के जंगलों में छोड़ दिया गया।

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रणथंभौर के उपवन संरक्षक मानव सिंह ने बताया कि लगभग चार वर्ष आयु का नर बाघ टी-2407 रामसिंहपुरा गांव के एक खेत में पहुंच गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। जनसुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम ने बाघ को सुरक्षित तरीके से ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा।
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उन्होंने बताया कि 9 मार्च को इस बाघ को सबसे पहले नाहरगढ़ होटल के पास देखा गया था। इसके बाद वह रात करीब 9 बजे फिर से वन क्षेत्र में चला गया था। हालांकि सोमवार को वह दोबारा जंगल से बाहर निकलकर रामसिंहपुरा गांव के खेतों में पहुंच गया।

वन विभाग की टीम ने बाघ को ट्रेंकुलाइज करने के बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। बाघ की गतिविधियों की वैज्ञानिक निगरानी के लिए उसे रेडियो कॉलर लगाया गया है। सभी आवश्यक जांच और अनुकूल परिस्थितियां सुनिश्चित करने के बाद बाघ को पुनः रणथंभौर के वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। बाघ के रेस्क्यू और पकड़ने की कार्रवाई के दौरान फील्ड डायरेक्टर शारदा प्रताप सिंह और डीसीएफ मानव सिंह ने वन विभाग की पूरी टीम के साथ ऑपरेशन की निगरानी की और इसे सफलतापूर्वक पूरा कराया।

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