Sikar News: सिजेरियन के बाद महिला की मौत, अस्पताल में हंगामा; परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप
सीकर के नीमकाथाना एमसीएच अस्पताल में सिजेरियन के बाद प्रसूता अंजली सैनी की मौत पर परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाकर धरना दिया। अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से इनकार करते हुए महिला के एनीमिया और गंभीर स्थिति का हवाला दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीकर जिले के नीमकाथाना में प्रसव के बाद एक महिला की मौत के मामले ने गुरुवार को मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (एमसीएच) को विवादों में ला दिया। मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों से समझाइश की।
जानकारी के अनुसार, नीमकाथाना निवासी 25 वर्षीय अंजली सैनी को प्रसव पीड़ा होने पर 12 जुलाई को एमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 14 जुलाई को उनका सिजेरियन ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अंजली को लगातार रक्तस्राव होता रहा, लेकिन समय पर उचित उपचार नहीं मिला। उनका कहना है कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद रक्त की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई और स्थिति को सामान्य बताकर टाल दिया गया।
पढे़ं: सांसद रोत के बयान से गरमाई सियासत, भाजपा बोली- ऐसा बयान उचित नहीं
परिजनों के मुताबिक, हालत बिगड़ने पर महिला को जयपुर रेफर किया गया। उनका आरोप है कि अस्पताल की ओर से सरकारी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे उन्हें निजी एम्बुलेंस की व्यवस्था करनी पड़ी। जयपुर के एक निजी अस्पताल में महिला को दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया, लेकिन उपचार के दौरान बुधवार रात करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई।
मृतका के पति राजकुमार सैनी ने आरोप लगाया कि यदि समय पर उचित उपचार और रक्त उपलब्ध कराया जाता तो उनकी पत्नी की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी चिकित्सकों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का नवजात शिशु स्वस्थ बताया जा रहा है।
वहीं, अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत कटारिया ने बताया कि महिला पहले से एनीमिया से पीड़ित थी और भर्ती के दिन उसे एक यूनिट रक्त चढ़ाया गया था। उन्होंने कहा कि सिजेरियन के बाद अचानक रक्तस्राव शुरू हुआ, जिसे नियंत्रित करने के प्रयास किए गए। मरीज की हालत गंभीर होने पर बेहतर उपचार के लिए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था।