Sirohi: मारपीट से हो गई थी बेटी की मौत, अदालत ने पिता को दोषी ठहराकर सुनाई 10 साल की सजा
सिरोही के आबूरोड अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने बेटी की हत्या के मामले में पिता फतेह मोहम्मद को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन ने 13 गवाह और 30 दस्तावेज पेश किए।
सिरोही के आबूरोड अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने बेटी की हत्या के मामले में पिता फतेह मोहम्मद को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन ने 13 गवाह और 30 दस्तावेज पेश किए।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायालय क्रम संख्या-1, आबूरोड के न्यायाधीश कुलदीप सुत्रकार ने करीब दो वर्ष पुराने बेटी की हत्या के मामले में आरोपी पिता फतेह मोहम्मद को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष की ओर से उपनिदेशक अभियोजन अधिकारी राजश्री व्यास और अपर लोक अभियोजक दिनेश खंडेलवाल ने 13 गवाहों के बयान कराए तथा 30 दस्तावेज और एक आर्टिकल न्यायालय में पेश किया।
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उपनिदेशक अभियोजन अधिकारी राजश्री व्यास के अनुसार, 5 अप्रैल 2024 को गांधीनगर, आबूरोड निवासी अकरमभाई पुत्र बाबूभाई ने आबूरोड शहर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 4 अप्रैल 2024 को वह अपने बड़े भाई फतेह मोहम्मद के घर गया, जहां उसकी भतीजी मोमीना घर के फर्श पर बेहोश पड़ी थी। पूछताछ करने पर फतेह मोहम्मद ने बताया कि उसने मोमीना को पढ़ाई करने के लिए कहा था। इस दौरान कहासुनी होने पर उसने उसके साथ मारपीट की, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई।
रिपोर्ट के अनुसार, मृतका के भाई शाहरुख ने भी स्वीकार किया कि उसके पिता ने गुस्से में मोमीना के साथ थप्पड़ों, मुक्कों और लकड़ी से मारपीट की थी। इसके बाद अकरमभाई ने मारपीट के कारण मोमीना की मौत होने की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ आरोपों को प्रमाणित मानते हुए न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया, जिस पर सुनवाई के बाद अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।