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अच्छी खबर: सिरोही जेल में बंदियों को मिलेगा स्वरोजगार का हुनर, सात दिवसीय फास्ट फूड प्रशिक्षण शुरू

Thu, 06 Aug 2026 09:55 PM IST
सिरोही ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही Published by: सिरोही ब्यूरो Updated Thu, 06 Aug 2026 09:55 PM IST
सार

सिरोही जिला कारागृह में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हीरा बेकरी और खुशबू कैटर्स के सहयोग से सात दिवसीय फास्ट फूड प्रशिक्षण शुरू हुआ। बंदियों को स्वरोजगार और पुनर्वास के उद्देश्य से व्यावहारिक व तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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Prisoners serving sentences in Sirohi Jail were given training in preparing fast food.
कैदियों को फास्ट फूड बनाने का प्रशिक्षण दिया गया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हीरा बेकरी और खुशबू कैटर्स के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को जिला कारागृह, सिरोही में सात दिवसीय फास्ट फूड मेकिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य बंदियों को कौशल विकास के माध्यम से स्वरोजगार के लिए तैयार कर आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम में बंदियों को विभिन्न प्रकार के फास्ट फूड और स्ट्रीट फूड बनाने की व्यावहारिक व तकनीकी जानकारी दी गई।

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सावित्री आनंद निर्भीक ने बताया कि यह प्रशिक्षण बंदियों के कौशल विकास और पुनर्वास को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया है। हीरा बेकरी और खुशबू कैटर्स की टीम बंदियों को फास्ट फूड व स्ट्रीट फूड बनाने का व्यवहारिक प्रशिक्षण दे रही है, ताकि रिहाई के बाद वे स्वरोजगार शुरू कर सम्मानजनक जीवन जी सकें। प्रशिक्षण के सफल संचालन में जिला कारागृह प्रशासन भी सहयोग कर रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से ऐसे कौशल विकास और पुनर्वास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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सावित्री आनंद निर्भीक ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य केवल विधिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज की मुख्यधारा से जुड़े लोगों, विशेषकर बंदियों, के पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करना भी है। ऐसे प्रशिक्षण बंदियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुख्य प्रशिक्षक हीरालाल कंसारा ने कहा कि सफलता के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि लगन, मेहनत और ईमानदारी की आवश्यकता होती है। छोटी शुरुआत भी आगे चलकर बड़े व्यवसाय का रूप ले सकती है। सह-प्रशिक्षक श्रवण पुरोहित ने कहा कि आज के समय में स्ट्रीट फूड कम पूंजी में शुरू होने वाला लाभकारी व्यवसाय है। गुणवत्ता, स्वच्छता और स्वाद के साथ इसे संचालित कर अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। यह प्रशिक्षण बंदियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।

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